सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर अब सत्ता पक्ष के नेताओं की ओर से भी प्रतिक्रिया आने लगी है। विपक्ष के नेताओं की मुलाकात और बयानों के बाद NDA के घटक दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है।
शुक्रवार (17 जुलाई, 2026) को बिहार JDU के नेता और राज्य सरकार में मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक की बात सुननी चाहिए।
उन्होंने कहा, “जब कोई व्यक्ति अनशन पर बैठा है तो सरकार को उसकी बात सुनने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल जाकर उनसे मिल सकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि अगर यह मामला बिहार का होता तो वह खुद जाकर मुलाकात करते, लेकिन यह दिल्ली से जुड़ा मामला है।
वहीं, बिहार बीजेपी नेता प्रभाकर मिश्रा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है।
दूसरी ओर, NDA में शामिल चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी अपनी बात रखी। पार्टी के प्रवक्ता डॉ. विनीत सिंह ने कहा कि सरकार सोनम वांगचुक की मांगों पर जरूर विचार कर रही होगी और समय आने पर इस पर बातचीत होगी।
हालांकि, उन्होंने सोनम वांगचुक से अपील की कि वह अपना अनशन खत्म करें। उन्होंने कहा कि सरकार से बातचीत के लिए दूसरे रास्ते भी मौजूद हैं, इसलिए आमरण अनशन करना जरूरी नहीं है।
उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और जल्द ही इसका समाधान निकल सकता है।




