प्रियंका चतुर्वेदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने संभल हिंसा का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। प्रियंका ने कहा कि प्रदेश में पिछले 10 साल से बीजेपी की सरकार है, ऐसे में कानून-व्यवस्था या किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी पिछली सरकार पर नहीं डाली जा सकती।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने लगातार समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को निशाना बनाया। यहां तक कि अखिलेश यादव की बेटी का नाम भी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में लिया गया, जबकि उनका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। प्रियंका ने सवाल उठाया कि उन मामलों की जांच का क्या नतीजा निकला, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता अपना संदेश दे चुकी है। उनका आरोप था कि उत्तर प्रदेश की जनता की कई उम्मीदें अभी तक पूरी नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय सरकार को अपने 10 साल के कामकाज का हिसाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले विधानसभा चुनाव में भी जनता अपना फैसला सुना सकती है।
वहीं, रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से बढ़ते दबाव पर भी प्रियंका चतुर्वेदी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी भारत पर टैरिफ का दबाव बना चुका है और अब रूस से तेल खरीदने को लेकर नए कदम उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, अमेरिका के भीतर ही अलग-अलग संस्थाओं और नेताओं के अलग-अलग रुख देखने को मिल रहे हैं, जिससे स्थिति और उलझी हुई नजर आती है।
प्रियंका ने कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों और विदेश नीति के फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए। उन्होंने यूएस-इंडिया ट्रेड डील को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की और कहा कि देशहित से जुड़े ऐसे समझौतों पर साफ जानकारी सामने आनी चाहिए।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बातचीत शुरू होना सकारात्मक कदम है। उनका मानना है कि छात्रों की मांगों पर जल्द और संवेदनशील तरीके से फैसला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के मुद्दों को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखना चाहिए और चाहे किसी भी दल की सरकार हो, युवाओं की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।




