मध्य प्रदेश के रीवा जिले के पंचायत उपचुनाव के दौरान ग्राम पंचायत हिनौता में सरपंच पद का चुनाव दिलचस्प होने के साथ-साथ अब बड़े राजनीतिक विवादों में घिर गया है। इस चुनाव में सांसद जनार्दन मिश्रा के पुत्र अंकुर मिश्रा भी सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके नामांकन को लेकर स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब उनके प्रस्तावक के गायब होने का मामला सामने आया।

अंकुर मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके नामांकन के मुख्य प्रस्तावक हनुमान प्रसाद शुक्ला को बीती रात उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा अगवा कर लिया गया। आरोप यह भी है कि प्रस्तावक के बैंक खाते में ढाई लाख रुपये ट्रांसफर कर उन पर प्रस्तावक का पद छोड़ने और नामांकन खारिज करवाने का भारी दबाव बनाया गया था।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जब सांसद पुत्र अंकुर मिश्रा अपने समर्थकों के साथ शिकायत दर्ज कराने सेमरिया थाने पहुंचे, तो वहां एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके विरोध में वे शुक्रवार को सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचे और पूरी घटना की लिखित जानकारी देकर निष्पक्ष जांच व न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश दिए हैं।
दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर पुलिस का पक्ष सामने आते ही स्थिति में नया मोड़ आ गया है। सेमरिया थाने की थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि जिस व्यक्ति के अपहरण की बात कही जा रही थी, उसे पुलिस द्वारा सकुशल बरामद कर लिया गया था और उसे सांसद पुत्र के सुपुर्द भी कर दिया जा चुका है। थाना प्रभारी के अनुसार, यह पूरा मामला अपहरण का नहीं बल्कि एक फर्जी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास था। इस तीखे घटनाक्रम के बाद से क्षेत्र में सियासी पारा काफी गर्म हो गया है।




