Satna Central Jail: सतना सेंट्रल जेल (Satna Central Jail) एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां ड्यूटी पर तैनात प्रहरी बनवारी लाल जाटव तंबाकू की पुड़िया लेकर अंदर जाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। सुबह की ड्यूटी के दौरान मुख्य प्रहरी द्वारा की गई तलाशी में बेल्ट के नीचे टेप में लिपटा करीब 10-12 ग्राम तंबाकू बरामद हुआ, जिसके बाद जेल प्रशासन ने प्रहरी को तुरंत निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश जारी किए। जेल में नशीली सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रहे ऐसे उल्लंघनों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Satna Central Jail News: सतना सेंट्रल जेल (Satna Central Jail) एक बार फिर सुर्खियों में है। सख्त सुरक्षा व्यवस्था और लगातार चेकिंग के बावजूद जेल के अंदर नशीली सामग्री पहुंचने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस बार एक प्रहरी खुद तंबाकू की पुड़िया लेकर अंदर घुसते हुए पकड़ा गया।
सुबह की ड्यूटी में हुआ खुलासा
शनिवार सुबह की घटना में आरोपी प्रहरी बनवारी लाल जाटव की ड्यूटी सुबह 4 से 8 बजे तक थी। मुख्य प्रहरी सैय्यद इसरार ने नियमित जांच के दौरान उनकी तलाशी ली। तलाशी में उनके बेल्ट के नीचे टेप में लिपटी तंबाकू की पुड़िया बरामद हुई। (Jail Security Breach) बरामद तंबाकू की मात्रा लगभग 10 से 12 ग्राम बताई जा रही है। आरोपी ने इसे छिपाने के लिए खास तरीका अपनाया था, लेकिन जेल प्रशासन की सतर्कता के आगे वह सफल नहीं हो सका। मौके पर ही जब्ती की गई और पंचनामा तैयार किया गया।
जेल में पूर्ण प्रतिबंध, फिर भी बार-बार उल्लंघन
जेल परिसर में तंबाकू, गांजा या कोई भी नशीली वस्तु पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे सामान को अंदर ले जाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि जेल की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा भी माना जाता है। (Prison Rules Violation)जेल अधीक्षक ने घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रहरी बनवारी लाल जाटव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि तंबाकू किस मकसद से अंदर लाया जा रहा था और इसमें कोई और व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिनों पहले ही गांजा सप्लाई के मामले में एक एएसआई को निलंबित किया जा चुका है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सतना सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी और चेकिंग को और सख्त किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।




