नईदिल्ली। रीवा के प्रतिभाशाली युवा रचित मिश्रा ने अपनी वक्तृत्व कला से विन्ध्य क्षेत्र और पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया, दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना विकसित भारत युवा संसद का राष्ट्रीय स्तर का आयोजन संविधान संदन केन्द्रीय कक्ष नई दिल्ली में किया गया। इसमें मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए रचित ने नारी शक्ति वंदन एवं विकसित भारत विषय पर विचार व्यक्त किए है।
कहां नारी शक्ति से बढ़ेगा राष्ट्र
अपने संबोधन में रचित ने नारी शक्ति वंदन एवं विकसित भारत विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति सदैव नारी शक्ति को सृजन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला मानती रही है। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व और स्वराज के स्वप्न के पीछे राजमाता जीजाबाई के संस्कारों और दूरदृष्टि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त किया और आधुनिक भारत में डॉ. ऋतु करिधाल जैसी वैज्ञानिकों ने देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “नारी केवल समाज की सहभागी नहीं, बल्कि परिवर्तन और विकास की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति है। विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह राष्ट्र सदैव नारी शक्ति के नेतृत्व, संकल्प और योगदान से आगे बढ़ता रहेगा।
मेरे लिए गर्व की यह बात
कार्यक्रम के संबंध में श्री मिश्रा ने बताया कि मेरे जीवन के लिए यह एक अद्भुत और स्वप्न साकार होने जैसा अनुभव है। संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में खड़े होकर राष्ट्र की नीतियों और विकसित भारत के भविष्य पर अपने विचार रखने का अवसर मिलना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने विकसित भारत युवा संसद के आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “विकसित भारत युवा संसद प्रधानमंत्री की दूरदर्शी परिकल्पना का परिणाम है।




