आम ही क्यू बना फलों का राजा, भोपाल में होगा मैंगो फेस्टिवल का आयोजन

मैंगो फेस्टिवल 2026। आम को उसके बेजोड़ स्वाद, रसीलेपन, उच्च पोषण मूल्य और व्यापक लोकप्रियता के कारण फलों का राजा कहा जाता है। यह गर्मियों का प्रमुख फल है, जो स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ सांस्कृतिक महत्व (भारत का राष्ट्रीय फल) और सैकड़ों किस्मों में उपलब्ध होने के कारण भी शीर्ष पर है।

आम के फलों का राजा होने के प्रमुख कारण

आम का मीठा, खट्टा और रसीला स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है। आम में विटामिन और पोटेशियम, फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो आंखों, दिल और पेट के लिए बहुत फायदेमंद हैं। कच्चे आम से आचार, चटनी, पना, और पके आम से आमरस, शेक, आइसक्रीम जैसी अनेक स्वादिष्ट चीजें बनाई जाती हैं।

सांस्कृतिक महत्व

भारत में आम का इतिहास हज़ारों वर्षों पुराना है। इसे समृद्धि और एकता का प्रतीक माना जाता है और कई धार्मिक आयोजनों में इस्तेमाल किया जाता है। भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक है, जहाँ इसकी सैकड़ों किस्में पाई जाती हैं।

आम की बढ़ रही उत्पादकता

आम को फलों का राजा कहा जाता है, मध्यप्रदेश में इसका उत्पादन निरंतर बढ़ रहा है। पिछले चार वर्षों के आंकड़ों का अध्ययन करें तो प्रदेश में आम उत्पादन में लगभग 72 हजार मैट्रिक टन की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि प्रदेश के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों, विशेषकर आम उत्पादन की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।

आम के लिए एमपी अनुकूल

मध्यप्रदेश की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियाँ आम उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल सिद्ध हो रही हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अलग-अलग किस्मों के आम का उत्पादन किसानों को बेहतर आय उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि राज्य सरकार द्वारा आम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं।

भोपाल में मैंगो फेस्टिवल 2026

13 जून 2026 को प्रदेश की राजधानी भोपाल में मैंगो फेस्टिवल 2026 अर्थात आम महोत्सव आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी या उत्सव नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के आम उत्पादक किसानों, उद्यानिकी विशेषज्ञों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच संवाद और विपणन का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। महोत्सव के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न किस्मों के आमों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इन जिलों में आम के लिए कार्य योजना

इस वर्ष प्रदेश के प्रमुख जिलों में अलीराजपुर, रीवा, शहडोल, सीधी, सतना, नर्मदापुरम, अनूपपुर और नरसिंहपुर में लगभग 3200 हेक्टेयर क्षेत्र में आम उत्पादन विस्तार की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना किसानों को उद्यानिकी आधारित खेती की ओर प्रेरित करेगी और प्रदेश में आम उत्पादन का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।

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