MP: मंत्री राकेश सिंह पर स्मार्ट सिटी CEO अरविंद सिंह के साथ कथित अभद्र व्यवहार का आरोप

MP Minister IAS Officer Clash: मध्य प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ता टकराव (Conflict between Public Representatives and Bureaucrats) एक बार फिर सुर्खियों में है। जबलपुर में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) और स्मार्ट सिटी के सीईओ एवं आईएएस अधिकारी अरविंद शाह (Arvind Shah) के बीच कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है, जिसमें अधिकारी ने मंत्री पर धमकाने और अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है। जबकि मंत्री का पक्ष है कि यह विवाद एक महिला कर्मचारी के साथ अरविंद शाह के कथित अभद्र व्यवहार के बाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उन्होंने अधिकारी को फटकार लगाई। इस घटना ने मध्य प्रदेश में नौकरशाही और राजनीतिक नेतृत्व के बीच बढ़ते तनाव (Tensions between Bureaucracy and Political Leadership) को लेकर नया सवाल खड़ा कर दिया है।

MP Minister IAS Officer Clash: लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) पर स्मार्ट सिटी के CEO एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अरविंद सिंह (Arvind Singh) के साथ कथित अभद्र व्यवहार और धमकाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अरविंद सिंह ने अपना पक्ष आईएएस एसोसिएशन (IAS Association) के समक्ष रखा है। जानकारी के अनुसार, हाल ही में मंत्री ने अरविंद सिंह को अपने बंगले पर बुलाया था, जहां उन्हें लगभग एक घंटे तक रोके रखा गया और बातचीत के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया।

आईएएस एसोसिएशन ने उठाया मुद्दा

इस घटना से आहत होकर अरविंद सिंह ने पूरी जानकारी आईएएस एसोसिएशन को दी। एसोसिएशन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से मुलाकात की। मंत्री राकेश सिंह का पक्ष है कि आईएएस अधिकारी अरविंद सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसके कारण उन्होंने उन्हें फटकार लगाई (Reprimanded)। आईएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव (Manu Shrivastava) ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) को भी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा मुख्य रूप से गलतफहमी (Misunderstanding) पर आधारित था, जिसे विस्तृत चर्चा के बाद सुलझा लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 17 मार्च को अरविंद सिंह ने जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड (Jabalpur Smart City Limited) के CEO का पदभार संभाला था। पद संभालते ही उन्होंने कर्मचारियों की उपस्थिति (Attendance) की जांच शुरू की। जांच में कुछ कर्मचारियों के बार-बार अनुपस्थित रहने की बात सामने आई। इस क्रम में जब एक महिला कर्मचारी को बुलाकर अरविंद सिंह ने फटकार लगाई, तो महिला कर्मचारी ने इसकी शिकायत सीधे लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह से कर दी। इसके बाद 22 अप्रैल को मंत्री ने अरविंद सिंह को अपने आवास पर बुलाकर कथित तौर पर तीखे अंदाज में फटकार लगाई।

अधिकारी का मौजूदा रुख

अरविंद सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना पक्ष आईएएस एसोसिएशन के सामने रख दिया है। फिलहाल वे इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ कहने से बच रहे हैं। वर्तमान में मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ चुका है, लेकिन इस घटना ने नौकरशाही और राजनीतिक नेतृत्व के बीच संबंधों (Bureaucracy vs Political Leadership) को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।

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