Ekta Agrawal: विदेश में पढ़ाई करने के लिए 40 लाख रुपए का एजुकेशन लोन लेने वाली एकता अग्रवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर उच्च शिक्षा में निवेश और उनके रिटर्न इन्वेस्टमेंट को लेकर चर्चा में देखी जा रही है। हाल ही में उनके द्वारा शेयर की गए अनुभव में उन्होंने बताया कि विदेश में पढ़ाई का फायदा केवल अच्छी सैलरी तक ही सीमित नहीं है बल्कि इंटरनेशनल नेटवर्क के सीखने का अवसर और करियर ग्रोथ में इसका इंपॉर्टेंट हिस्सा है।

Ekta Agrawal ने ROI को लेकर कहा?
एकता अग्रवाल ने बताया कि विदेश में पढ़ाई के दौरान उन्हें 33 देश के छात्रों के साथ जोड़ने वैश्विक नेटवर्क बनाने और अलग-अलग संस्कृति को समझने का मौका मिला। उनके अनुसार ऐसे अनुभव लंबे समय में उनके विकास और कैरियर के नए ऑप्शन का रास्ता खोल सकते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस नजरिए पर सवाल भी किया कुछ यूजर्स का कहना है कि नेटवर्किंग और अनुभव अपनी जगह जरूरी है लेकिन शिक्षा ऋण की ईएमआई चुकाने के लिए मजबूत इनकम भी बहुत जरूरी होती है।
ये भी पढ़े: Rajesh Exports पर SEBI की कार्रवाई, राजेश मेहता का बिजनेस जांच के दायरे में..
विदेश में पढ़ाई की बढ़ती लागत चुनौती
पिछले कुछ सालों से विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च तेजी से बड़ा हुआ है। इसमें ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, यात्रा और अन्य खर्चो को जोड़ने पर कई देशों में कुल लागत 30 लाख रुपए से ₹60 लाख या फिर उससे ज्यादा हो सकती है। ऐसे में ज्यादातर लोग अपने बच्चों को एजुकेशन लोन का सहारा लेकर पढ़ाई करने भेजते हैं। विदेश में पढ़ाई का फैसला लेने से पहले विश्वविद्यालय की गुणवत्ता रोजगार की संभावनाएं, वर्क वीजा के नियम और संभावित वेतन का मूल्यांकन भी करना जरूरी होता है।
ये भी पढ़े: EMI पर राहत! RBI ने Repo Rate में नहीं किया बदलाव, होम लोन वालों को बड़ी राहत
वित्तीय विशेषज्ञ ने दी संतुलित वित्तीय योजना की सलाह
फाइनेंशियल एक्सपर्ट के अनुसार किसी भी शिक्षक लोन का वास्तविक ROI इस बात पर निर्भर होता है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद कितनी जल्दी नौकरी ले लेते हैं और उसकी इनकम लोन चुकाने के लिए कितनी पर्याप्त होती है। अगर अपेक्षा समय पर रोजगार नहीं मिलता है तो लंबे समय तक emi का दबाव रहेगा।Ekta Agrawal का एक्सपीरियंस या बताता है कि विदेश में पढ़ाई केवल आर्थिक लाभ का विषय नहीं है बल्कि इतना बड़ा फाइनेंशियल फैसला लेने से पहले व्यक्तिगत बजट करियर की संभावना और उसे भुगतान करने की क्षमता का आकलन भी बहुत जरूरी बताया जाता है।




