संसद में पेपर लीक (Paper Leak) से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक (Public Examinations Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद (Congress MP) प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के एक बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा बनाई गई विशेषज्ञ समिति में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटी (V Kamakoti) को लेकर “गोमूत्र एक्सपर्ट” शब्द का इस्तेमाल किया। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई और भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
कौन हैं प्रोफेसर वी कामकोटी (V Kamakoti)?
प्रोफेसर वी कामकोटी देश के जाने-माने कंप्यूटर वैज्ञानिक (Computer Scientist) हैं। वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के निदेशक हैं और कंप्यूटर आर्किटेक्चर, माइक्रोचिप डिजाइन, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं।
भारत के स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर शक्ति (SHAKTI) के विकास में भी उनकी अहम भूमिका रही है। वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (National Security Advisory Board) के सदस्य रह चुके हैं और भारत सरकार की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स (Artificial Intelligence Task Force) से भी जुड़े रहे हैं।
प्रोफेसर कामकोटी (V Kamakoti) को उनके वैज्ञानिक योगदान के लिए पद्मश्री (Padma Shri) समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
प्रियंका गांधी ने संसद में क्या कहा?
पेपर लीक मामले की जांच के लिए बनाई गई समिति में शामिल विशेषज्ञों पर चर्चा करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रोफेसर वी कामकोटीको लेकर टिप्पणी की।
भारतीय जनता पार्टी नेताओं ने इस बयान को लेकर सवाल उठाए और कहा कि देश के एक प्रमुख वैज्ञानिक के योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी की योग्यता पर भी उठे सवाल
इस विवाद के बाद सोशल मीडिया पर प्रियंका गांधी की शैक्षणिक योग्यता और प्रोफेसर कामकोटी की वैज्ञानिक उपलब्धियों को लेकर तुलना शुरू हो गई।
प्रोफेसर कामकोटी जहां कंप्यूटर विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे हैं, वहीं प्रियंका गांधी की शिक्षा राजनीति और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी रही है।
गोमूत्र को लेकर पुराना विवाद क्या है?
दरअसल प्रोफेसर कामकोटी ने पहले एक कार्यक्रम में गोमूत्र के औषधीय गुणों को लेकर बयान दिया था। उन्होंने इसके एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों पर वैज्ञानिक शोध का जिक्र किया था।
इसी बयान को लेकर पहले भी बहस हुई थी। अब संसद में उनकी नियुक्ति को लेकर प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की टिप्पणी के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
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