केन-बेतवा लिंक परियोजना के आंदोलन कारियों को पुलिस ने हटाया, पानी की धारा में थें अनशनकारी

छतरपुर। छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास बराना नदी में पिछले 20 दिनों से चल रहे केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े आंदोलन स्थल पर प्रशासन पहुचा और तड़के सुबह आंदोलनकारीयों को वहां से हटा दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई पर विपक्ष ने दमनकारी कार्रवाई करार देते हुए इसका विरोध किया है।

अस्पताल में कराया गया भर्ती

बिजावर एसडीएम विजय द्विवेदी के अनुसार,ग्राम कुपी में बराना नदी के पास प्रदर्शन कर रहे अमित भटनागर एवं उनके कुछ साथियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें समझाइश देकर पुलिस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिजावर में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। इसके साथ ही लगातार हो रही बारिश और मानव स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन में शामिल पन्ना जिले के अन्य लोगों को बस के माध्यम से सुरक्षित पन्ना रवाना किया गया! प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए की गई है।

प्रशासन पर जबरन कार्रवाई का आरोप

आंदोलनकारीयों का कहना है कि यह कार्रवाई हम पर जबरन की गई, हमारी मांगे जायज है और हम अपने हक को लेकर लड़ाई जारी रखेंगे, प्रशासन को हमारी मांगों को मनाना ही पड़ेगा। क्योकि हमारे पास ना तो घर बचा और ना ही जमीन, मुआवजा मिला वह भी न के बराबर हैं

नेता प्रतिपक्ष ने कहा सरकार सुने मांग

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि दमन नहीं, संवाद चाहिए। लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि सवाल पूछना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदर्शन की हर आवाज़ को कुचलना अपना शासन मॉडल बना लिया है। केन-बेतवा लिंक परियोजना में भ्रष्टाचार और आदिवासी अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे अमित भटनागर और उनके साथियों की गिरफ्तारी पूरी तरह अलोकतांत्रिक है। उन्होने मांग उठाते हुए कहा कि ​मैं सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग करता हूँ और सरकार से दमन छोड़कर प्रभावित लोगों की बात सुने तथा निष्पक्ष जांच की अपील करता हूँ।

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