पाकिस्तान में जन्में सुरेश देवगन का रीवा में निधन, गार्ड ऑफ आर्नर देकर मेडिकल कॉलेज को सौपा गया पार्थिव देह

रीवा। अखंड भारत के सियालकोट से रीवा तक शिक्षा की रोशनी फैलाने वाले सुरेश देवगन का रीवा के संजय गांधी अस्पताल में निधन हो गया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनका देहदान किया गया और रीवा के एसएस मेडिकल कॉलेज को उनका पार्थिव देह सौप दिया गया है। जिससे यहां पढ़ने वाले मेडिकल छात्र इस दधीचि के देह से अपना ज्ञान और बेहतर कर सकेगे। ज्ञात हो कि श्री देवगन शिक्षा विद्र थें और ताउम्र उन्होने शिक्षण कार्य किया, तो मरने के बाद भी अपने देह को शिक्षा के लिए ही समर्पित कर दिया।

वृद्धाश्रम में छलक पड़े आशू

रीवा के पिता महसदन वृद्धाश्रम स्वागत भवन में उस वक्त माहौल गमगीन हो गया, जब यहां रहने वाले 80 वर्षीय सुरेश देवगन के निधन की खबर सामने आई। बताया जाता है कि तकरीब 6 वर्षों से वृद्धाश्रम में वे रह रहे थे। 2 दिन पूर्व तक पूरी तरह स्वस्थ थे, अचानक श्वास लेने में तकलीफ होने पर संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में ईलाज के लिए भर्ती किया गया था। शनिवार की रात 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

अंग्रेजी साहित्य के थें ज्ञाता

सुरेश देवगन अंग्रेजी साहित्य के मर्मज्ञ विद्वान थे। उन्होंने अपने जीवन को शिक्षा और समाजसेवा के नाम कर दिया था। वृद्धाश्रम में रहते हुए भी उन्होंने कभी खुद को सीमित नहीं किया। प्राथमिक कक्षा से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के विद्यार्थियों को वे निःशुल्क अंग्रेजी की शिक्षा देते रहे। सरस्वती शिशु मंदिर दीनदयाल धाम, चाणक्यपुरी सहित अमहिया थाना क्षेत्र के जरूरतमंद और गरीब बच्चों को भी उन्होंने लंबे समय तक मुफ्त शिक्षा दी। रीवा के कई शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विद्यार्थियों को भी सुरेश देवगन अंग्रेजी की निःशुल्क पढ़ाई करवाते रहे।

अखंड भारत के सियालकोट में हुआ था जन्म

उनका जीवन बेहद संघर्ष पूर्ण रहा। भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी वृद्धाश्रम के चेयरमैन डॉ प्रभाकर चतुर्वेदी के अनुसार सुरेश देवगन का जन्म आजादी से पहले अखंड भारत के सियालकोट में हुआ था, जो विभाजन के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बना, विभाजन के समय उनके पिताजी बैंगलोर में सर्विस करते थे और वे अपने पिताजी के साथ थे, दुर्भाग्य पाकिस्तान में रह रहे उनके परिवार मैं कोई जिंदा नहीं रहा पाया, यह बेंगलुरु में पिताजी के साथ रहने के कारण बच गए। उन्होने अंग्रेजी साहित्य में एमए किया, एवं शिक्षा क्षेत्र में शिक्षा देने का कार्य किया। जीवन के अंतिम वर्षों में वे रीवा के वृद्धाश्रम में रहकर बच्चों को शिक्षा देते रहे।

दी गई श्रद्धाजलि

समाजसेवी एवं शिक्षा विद्र के देहदान के अवसर पर रेड क्रॉस से डॉ प्रभाकर चतुर्वेदी, श्रीमती भारती शर्मा, डॉ सुशील त्रिपाठी, पीयूष कुमार मिश्रा, संजय शुक्ल, डॉ राघवेंद्र सिंह, मेडिकल कॉलेज के डॉ भास्कर रेड्डी डॉ अमित तिवारी अन्य चिकित्सक पैरामेडिकल स्टाफ ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *