जैसा कि हम सभी जानते हैं कि दुनिया भर में महिलाओं को प्रभावित करने वाली हार्मोनल समस्या की बीमारी PCOS है जिससे कई सारी महिलाएं पीड़ित है। लेकिन अब इस बीमारी का नाम बदलने वाला है, दरअसल मेडिकल विशेषज्ञ और अंतरराष्ट्रीय हेल्थ संगठनों ने polycystic ovary syndrome यानी PCOS का नाम बदलकर Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome यानी PMOS करने का फैसला लिया है। ऐसा करने का कारण पुराने नाम से बीमारी की पूरी स्थिति का सही तरीके से पता ना चल पाना बताया जा रहा है।

आखिर क्यों बदला गया PCOS का नाम?
कई सालों से कई सारे डॉक्टर और रिसचर्स ऐसा मानते रहे हैं कि PCOS नाम थोड़ा भ्रम पैदा करता है। इस नाम से सुनने में ऐसा लगता है, की बीमारी सिर्फ महिलाओं की ओवरी में बनने वाले सिस्ट तक ही सीमित है। लेकिन असल में या एक जटिल हार्मोनल और मेटाबॉलिक डिसऑर्डर होता है। कई महिलाओं में इस बीमारी के होने के बावजूद ओवरी में सिस्ट दिखाई ही नहीं देता है वहीं दूसरी और इस बीमारी का असर शरीर के कई सारे हिस्से जैसे इन्सुलिन लेवल, वजन, पीरियड्स, स्किन और फर्टिलिटी पर पड़ता है।
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नया नाम PMOS ही क्यों?
PCOS के लिए PMOS नाम को इसलिए चुना गया है क्योंकि इससे बीमारी की अलग-अलग पहलुओं को शामिल किया जा सकता है। PMOS यानी Polyendocrine Metabolic Ovarian Syndrome जिसमें Polyendocrine का मतलब कई सारी हार्मोनल सिस्टम का प्रभावित होना होता है और मेटाबॉलिक का मतलब शरीर के मेटाबॉलिज्म, इन्सुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ी सभी दिक्कतों को दिखाता है और ओवेरियन महिलाओं की ओवरी और रिप्रोडक्टिव हेल्थ संबंधित समस्याओं के बारे में बताता है।
डॉक्टर के अनुसार यह नया नाम पेशेंट और डॉक्टर दोनों को बीमारी के बारे में बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा।
PMOS पर 14 साल के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के मुताबिक इस बदलाव पर करीब 14 सालों तक अंतर्राष्ट्रीय लेवल पर चर्चाएं हुई इसमें मेडिकल एक्सपर्ट्स रिसचर्स और मरीजों से जुड़े कई सारे संगठनों ने भी हिस्सा लिया। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि पुराने नाम की वजह से उन्हें अपनी स्थिति बताने और सही इलाज में भी दिक्कत होती है। इसी फीडबैक के आधार पर इस बीमारी का नाम बदलने पर काम शुरू हो गया।
इलाज और पहचान पर क्या असर होगा?
PCOS बीमारी का नाम बदलने से इसके इलाज या टेस्टिंग प्रक्रिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा जाएगा। हालांकि डॉक्टर का मानना है कि नए नाम के बाद डॉक्टर इस बीमारी को सिर्फ गाइनेकोलॉजिकल समस्या करने के बजाय पूरे शरीर से जुड़ी स्थिति के रूप में देखेंगे।
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PMOS महिलाओं के लिए बड़ा कदम
डॉक्टर इसे महिलाओं के स्वास्थ्य जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं उनका कहना है कि सही नाम बीमारी को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है और इससे पेशेंट को सही समय पर सलाह और इलाज भी मिल जाती है।




