रीवा में दुआरी गांव के ऐतिहासिक मंदिर में माता पार्वती की प्रतिमा खंडित, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

Statue of Goddess Parvati broken in the historical temple of Duari village in Rewa.

मध्य प्रदेश के रीवा जिले से धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचाने वाली एक बेहद निंदनीय घटना सामने आई है। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत दुआरी गांव में धिरमा नाले के पास स्थित ऐतिहासिक शंकर-पार्वती मंदिर में अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा माता पार्वती की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण कृत्य के बाद से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

सुबह पूजा के दौरान हुआ खुलासा, स्तब्ध रह गए श्रद्धालु
मिली जानकारी के अनुसार, यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की श्रद्धा और अटूट विश्वास का एक प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। रोजाना की तरह आज सुबह भी जब ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे, तो वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। माता पार्वती की मूर्ति का हाथ टूटा हुआ था और प्रतिमा को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया था। भगवान भोलेनाथ के दर्शन के बाद जैसे ही लोगों की नजर इस पर पड़ी, पूरे इलाके में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते मंदिर परिसर में सैकड़ों ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।

लंबे समय से था नशाखोरों का जमावड़ा, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
घटना से भड़के स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर और उसके आसपास के सूने इलाके में लंबे समय से नशाखोरों, जुआरियों और असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है। ये तत्व आए दिन यहाँ अव्यवस्था फैलाते हैं और धार्मिक माहौल को खराब करने का प्रयास करते हैं। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए कहा कि इस संबंध में पहले भी कई बार पुलिस और स्थानीय प्रशासन को लिखित व मौखिक शिकायतें देकर चिंता व्यक्त की गई थी, लेकिन समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाए गए। प्रशासन की इसी ढिलाई और लापरवाही का नतीजा आज इस बड़ी और दुर्भाग्यपूर्ण घटना के रूप में सामने आया है।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग
धार्मिक भावनाओं और अपनी संस्कृति पर हुए इस सीधे प्रहार को लेकर ग्रामीणों ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में प्रशासन से मांग की है कि मामले की पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से जांच की जाए। इसके लिए मंदिर परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जाएं, क्षेत्र के संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की जाए और इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले समाजकंटकों को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस गश्त की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि माता पार्वती की प्रतिमा केवल एक पाषाण मूर्ति नहीं, बल्कि उनकी अटूट श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसका अपमान पूरा समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। लोगों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, वे शांत नहीं बैठेंगे। इसके साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और क्षेत्र में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग (गश्त) बढ़ाने की भी पुरजोर मांग की गई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए एहतियात बरती जा रही है।

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