महाराष्ट्र। महाराष्ट में सोमवार को बड़ा राजनैतिक उथल-पुथल सामने आया है। जंहा उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के 9 में से 6 सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। 4 साल में पार्टी में यह दूसरी बड़ी टूट है, जिसमें उद्धव के 9 में से 6 सांसदों ने अलग गुट बनाकर शिंदे गुट में विलय करने का फैसला किया है। इससे महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है। 6 सांसदों के शामिल होने के बाद लोकसभा में शिंदे गुट के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। जबकि उद्धव गुट में 9 में से सिर्फ 3 सांसद बचे हैं। 2022 के बाद शिवसेना में दूसरी बार टूट हुई।
डिप्टी सीएम के आवास पर हुई बैठक
जो जानकारी आ रही है उसके तहत बागी सांसदों ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ उनके नंदनवन बंगले पर बैठक करने के बाद पार्टी बदलने का ऐलान मीडिया के समक्ष किए है। इस दौरान शिंदे ने कहा कि हमारी लड़ाई बालासाहेब के विचारों को बचाने के लिए है, इसीलिए आज ये 6 सांसद बालासाहेब की असली शिवसेना में शामिल हुए, जबकि उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने लिखा- पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने साबित कर दिया है कि उनकी वफादारी बिकाऊ है।
अलग हुए ये 6 सांसद
-संजय जाधव (परभणी)
-भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी)
-संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम)
-नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली)
-संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व)
-ओमराजे निंबालकर (धाराशिव)




