रीवा। शहर के सिविल लाइन थाना अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक-2 में बीती रात अचानक लगी रहस्यमयी आग से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। आग स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) कक्ष में लगी, जिसकी लपटों ने वहां रखे बेहद महत्वपूर्ण सामानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कक्ष के भीतर लगा एयर कंडीशनर (AC), कुर्सियां, टेबल और सबसे महत्वपूर्ण—पूरे स्कूल की निगरानी करने वाला सीसीटीवी डीवीआर (CCTV DVR) जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। आगजनी की इस क्रोनोलॉजी ने घटना को बेहद संदिग्ध बना दिया है।
दरअसल, इस आगजनी को लेकर स्थानीय लोगों और शिक्षा विभाग के गलियारों में गहरी अटकलें इसलिए तेज हो गई हैं, क्योंकि इस घटना से ठीक एक दिन पहले रविवार को इसी विद्यालय में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का आयोजन हुआ था। नीट जैसी देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक के ठीक अगले ही दिन, स्कूल के मुख्य सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सिस्टम (DVR) का जल जाना किसी बड़े सोचे-समझे घटनाक्रम की ओर इशारा कर रहा है। लोग सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या परीक्षा से जुड़े किसी साक्ष्य को मिटाने के लिए यह साजिश रची गई है?
इस रहस्यमयी आग ने स्कूल प्रबंधन और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। गौरतलब है कि मार्तंड क्रमांक-2 स्कूल पूर्व में भी फर्जी अनुकंपा नियुक्ति के गंभीर मामले को लेकर भारी विवादों में रह चुका है, जिसके चलते वर्तमान प्राचार्य की भूमिका पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। अब इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। फिलहाल, सिविल लाइन थाना पुलिस और संबंधित विभाग ने शॉर्ट सर्किट के दावों के बीच मामले को पूरी तरह संदिग्ध माना है और एफएसएल (FSL) टीम की मदद से घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।




