हीटवेव के बाद बढ़ा Ozone Risk, दिल और फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ा

Ozone risk rises after heatwave; increased danger of heart and lung diseases.

Ozone Risk: देश के कई हिस्सों में गर्मी और हीट वेव का असर लगातार देखा जाता है। अब तक हाल ही के अध्ययन में ऐसा सामने आया कि सिर्फ तेज गर्मी ही नहीं बल्कि गर्म दिनों में बढ़ाने वाला ओजोन का खतरा भी लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा है। रिसर्च करने वाले लोगों के अनुसार हीट वेव और ग्राउंड लेवल ओजोन का संयुक्त प्रभाव हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का भी रिस्क बढ़ा सकता है।

क्या है ग्राउंड-लेवल ओजोन और ये क्यों बढ़ता है खतरा?

ओजोन दो तरह के होती है ऊपरी वायुमंडल में मौजूद ओजोन पृथ्वी को हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाती है। लेकिन जमीन के नजदीक बनने वाले ग्राउंड लेवल ओजोन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माने जाते हैं। यह ओजोन वाहन उद्योग और अन्य स्रोतों से निकलने वाली गैसों की सूर्य की तेज रोशनी और उच्च तापमान के संपर्क में आने से बनती है हीट वेव्स के दौरान तापमान बढ़ने से इसकी मात्रा भी तेजी से बढ़ने लगती है।

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Ozone Risk से दिल की बीमारियों पर होगा असर

रिसर्च में पाया गया है कि बढ़े हुए ओजोन क्रिस का संबंध इस्केमिक हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक जैसी दिक्कतों से हो सकता है। डॉक्टर का कहना है कि ओजोन के संपर्क में आने से शरीर में सूजन बढ़ सकती है जिससे रक्त वाहिका और हृदय पर ज्यादा दबाव पड़ता है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधित समस्या थी उनके लिए यह स्थिति अधिक चिंताजनक मानी जाती है। गर्म मौसम और प्रदूषित हवा का मिला-जुला प्रभाव इसके रिस्क को बढ़ा सकता है।

फेफड़ों के मरीजों के लिए क्यों है खतरा?

रिसर्च के अनुसार सीओपीडी, अस्थमा एवं अन्य सांस से जुड़े रोगों की से पीड़ित लोगों पर ग्राउंड लेवल ओजोन का अगर ज्यादातर देखने को मिलता है। ओजोन फेफड़ों में जलन और सूजन पैदा कर सकता है जिससे सांस लेने में कठिनाई खांसी और सांस फूलने जैसे दिक्कतें देखने को मिलती है। हीटवेव के दौरान लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोगों को ज्यादातर सावधानी बरतनी चाहिए।

किन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की है जरूरत?

डॉक्टर के अनुसार बूढ़े बच्चे एवं हृदय संबंधित रोग वाले पेशेंट अस्थमा के मरीज आदि को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है इसके अलावा निर्माण कार्य कृषि और अन्य काम करने वाले लोगों को भी रिस्क हो सकता है।

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इसके बचाव के लिए क्या करें?

डॉक्टर ऐसा सलाह देते हैं कि अत्यधिक गर्मी वाले दिनों में दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए पर्याप्त पानी पीना चाहिए और प्रदूषण लेवल की जानकारी पर नजर बनाए रखना चाहिए। इसके अध्ययन से हमें पता चलता है कि भविष्य में बढ़ती गर्मी के साथ-साथ वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण जरूरी है।

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