Rajesh Khanna ashirvad demolition mumtaj reaction: बॉलीवुड की एक्ट्रेस मुमताज ने हाल ही में rajesh khanna के प्रतिष्ठित बंगले आशीर्वाद के डिमोलिशन पर अपना रिएक्शन दिया है।हाल ही में कुछ दिनों पहले मुंबई में राजेश खन्ना की ऐतिहासिक प्रॉपर्टी को तोड़ा गया है। जहां इस ऐतिहासिक प्रॉपर्टी को तोड़ा गया मुमताज ने इसे व्यक्तिगत और सांस्कृतिक क्षति बताया है। तो चलिए इस मामले को हम पूरा समझते हैं कि आखिर एक्ट्रेस मुमताज ने ऐसा रिएक्शन क्यों दिया।

Mumtaz के Reaction ने खींचा सबका ध्यान
फेमस एक्ट्रेस मुमताज ने जब rajesh khanna के बंगले के टूटने पर अपना रिएक्शन दिया तो यह चर्चा का विषय बन गया एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि आशीर्वाद सिर्फ एक घर ही नहीं था बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास का एक अहम हिस्सा था। उन्होंने अपनी ऑफिशियल बयान में बताया कि इस जगह से जुड़ी यादें आज भी एक्टर और प्रशंसकों के बीच जीवित है उन्होंने साथ में यह भी कहा कि इस प्रॉपर्टी को संरक्षित किया जा सकता था जिससे आने वाली पीढ़ी को हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की एक झलक मिल सकती थी।
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क्या है ‘Aashirwad’ का ऐतिहासिक महत्व
मुंबई के कार्टर रोड में स्थित आशीर्वाद बंगला लंबे समय से rajesh khanna की पहचान रहा बांग्ला है। जानकारी के अनुसार राजेश खन्ना के स्टारडम का प्रतीक इसी स्थान को माना जाता है 70 से 80 के दशक में ये बंगला फैंस के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। सोशल मीडिया की जानकारी के अनुसार कहीं फंस आज भी इस जगह से अपना एक इमोशनल कनेक्शन महसूस करते हैं।
जगह के डिमोलिशन के पीछे क्या है कारण
जानकारी के मुताबिक आशीर्वाद बंगला पहले ही राजेश खन्ना की मृत्यु के बाद बेचा गया था जिसके बाद इसे पुनर विकास के लिए अब गिराया गया है। हालांकि इस फैसले पर लोगों ने अपने-अपने अलग-अलग रिएक्शन दिए हैं कुछ लोगों का मानना है कि शहरी विकास का हिस्सा होता है जबकि अन्य इस सांस्कृतिक विरासत के नुकसान के रूप में देख रहे हैं इसी बीच मुमताज जैसी फेमस एक्ट्रेस का रिएक्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
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विरासत बनाम विकास की बहस हुई
मुमताज की इस रिएक्शन के बाद इस पूरे मामले पर विरासत बनाम विकास एक बड़ा संदर्भ रखता है। जानकारी के अनुसार भारत में कई सारे ऐतिहासिक फिल्मी स्थान का संरक्षण नहीं किया गया है ऐसे में आशीर्वाद जैसे फेमस बंगले का डिमोलिशन एक उदाहरण की तरह सामने आया है जहां इमोशनल और ऐतिहासिक मूल्य होने के बावजूद इस स्ट्रक्चर को बचाया न जा सका। हालांकि यह घटना सिर्फ एक प्रॉपर्टी के खत्म होने तक सीमित नहीं है बल्कि यह फिल्म इतिहास और शहर के विकास के बीच संतुलन पर सवाल खड़े करता है।
