Rajesh Khanna news: बॉलीवुड के सबसे फेमस एक्टर प्रेम चोपड़ा ने हाल ही में अपने इंटरव्यू के दौरान बताया कि राजेश खन्ना ने अपने करियर के गिरते दौर को स्वीकार नहीं किया था खास तौर पर जब अमिताभ बच्चन का स्टारडम तेजी से बढ़ रहा था। यह घटना 1970 के दशक में मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में देखने को मिल रही थी जिसका मुख्य कारण ऑडियंस के द्वारा एक्टर्स की पसंद बदलना बताया जा रहा है।

Rajesh Khanna Failure का दौर आखिर कैसे शुरू हुआ
जैसा कि हम सभी जानते हैं कि राजेश खन्ना शुरुआती समय से फेमस एक्टर रहे हैं ऐसे में उनके फैलियर का दौर शुरू होना थोड़ा अजीब सा लगता है, लेकिन प्रेम चोपड़ा के कहे अनुसार Rajesh Khanna Failure कदर कब शुरू हुआ था जब 1969 से 1972 के बीच लगातार सुपरहिट फिल्म देने वाले एक्टर राज खन्ना की फिल्मों का प्रदर्शन धीरे-धीरे कमजोर होने लगा। उसे समय तक वह सिनेमा में सुपरस्टार के रूप में स्थापित हो चुके थे जानकारी के अनुसार ऑडियंस की पसंद रोमांटिक किरदारों से हटकर एक्शन आधारित कहानी की और बढ़ने लगी जिससे उनके करियर पर असर होने लगा।
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Amitabh Bachchan के फेमस होने से बदला पूरा समीकरण
1973 के दशक में जंजीर फिल्म के बाद अमिताभ बच्चन का एंग्री मैन अवतार सामने आया,जिसके बाद यह बदलाव हिंदी सिनेमा में एक मोड के रूप में सामने देखा जा रहा था। ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि नई इमेज होने के कारण उन्होंने दर्शकों के बीच ज्यादा लोकप्रियता हासिल की। केवल इस कारण ही राजेश खन्ना की फिल्म की फैलियर की चर्चाएं तेज हो गई क्योंकि दोनों ही एक्टर की तुलना फिल्म इंडस्ट्री में लगातार होती थी।
Prem Chopra का क्या है बयान और व्यक्तिगत संघर्ष
अपने इंटरव्यू के दौरान प्रेम चोपड़ा ने कहा की राजेश खन्ना ने अपने करियर में आई हुई गिरावट को डाइजेस्ट नहीं किया था उनके अनुसार इस मानसिक दबाव का असर उनकी निजी जिंदगी पर भी देखने को मिला और उन्होंने ज्यादा से ज्यादा शराब पीना शुरू कर दिया था। यह दवा एक व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर बताया गया है जिसे एक्टर ने अपने इंटरव्यू में बताया है। हालांकि यह उनके पर्सनल जीवन से जुड़ा हुआ विषय है इसलिए इसे व्यक्तिगत बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बदलते दौर में Adaptability की भूमिका बढ़ी
जब Rajesh Khanna फेलियर के एक कारण के बदलाव को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे वहीं अमिताभ बच्चन इस समय के साथ खुद को फिल्म इंडस्ट्री में ढाल लिया। जानकारी के अनुसार उन्होंने विभिन्न प्रकार के रोल निभाए और अपने एक्टिंग में विविधताएं भी लाई। यही कारण रहा कि अमिताभ बच्चन का कैरियर कहीं दशकों तक स्थिर ही बना रहा जबकि अन्य एक्टर को उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
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इंडस्ट्री के लिए क्या मिलता है सबक
Rajesh Khanna Failure होने और अमिताभ बच्चन की उपहार की इस कहानी से हिंदी सिनेमा में बदलाव की एक महत्वपूर्ण मिसाल मिलती है इससे हमें समझ आता है की फिल्म इंडस्ट्री में सफलता केवल लोकप्रियता पर ही नहीं होती बल्कि समय के साथ-साथ खुद को बदलने में भी होती है।
