रविवार (30 अगस्त 2026) की शाम लगभग 7:30 बजे मुंबई के BPS (Ballard Pier Station) पोर्ट पर एक बड़ा औद्योगिक हादसा घटित हुआ। बारबाडोस के झंडे वाले ‘वियना’ (Vienna) नामक मालवाहक जहाज से भारी-भरकम कार्गो उतारने के दौरान दो क्रेनों में से एक का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने के बाद क्रेन का फ्रंट टेलीस्कोपिक बूम सीधे जहाज से जा टकराया।
इस भीषण टक्कर और धातु के घर्षण (friction) के कारण क्रेन में अचानक आग लग गई। हादसे की चपेट में आने से बरकत कंपनी के दो क्रेन ऑपरेटर गंभीर रूप से घायल हो गए। मुंबई पोर्ट की फायर ब्रिगेड ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया, वहीं पुलिस ने इस पूरे मामले में तकनीकी चूक की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
हादसा कैसे हुआ? समझिए पूरी क्रोनोलॉजी
140 मीट्रिक टन का भारी-भरकम कार्गो और स्लिंग का असंतुलन
मुंबई पोर्ट पर बारबाडोस के झंडे के तहत संचालित ‘वियना’ शिप लंगर डाले खड़ा था। जहाज से लगभग 140 मीट्रिक टन बजनी भारी कार्गो (Heavy Equipment Cargo) को अनलोड किया जा रहा था। इस भारी-भरकम वजन को उठाने के लिए ‘बरकत कंपनी’ की दो बड़ी क्रेनों को संयुक्त रूप से काम पर लगाया गया था।
मुंबई पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जब कार्गो को हवा में लिफ्ट किया जा रहा था, तब पहली क्रेन का स्लिंग (cargo lifting strap/belt) अचानक असंतुलित हो गया और बेल्ट ढीली होकर निकल गई।
क्रेन का हवा में उठना और घर्षण से आग का भड़कना
जैसे ही पहली क्रेन का स्लिंग निकला, 140 मीट्रिक टन का पूरा भार अचानक दूसरी क्रेन पर स्थानांतरित (shift) हो गया। इतना अत्यधिक वजन झटके से पड़ने के कारण दूसरी क्रेन अपनी जगह से उखड़ गई और जमीन से ऊपर उठ गई।
क्रेन के अनियंत्रित होने से उसका अगला हिस्सा, यानी फ्रंट टेलिस्कोपिक बूम (Telescopic Boom), सीधे जहाज के ढांचे से जा टकराया। जहाज के लोहे और क्रेन के बूम के बीच हुई तेज टक्कर और घर्षण से चिंगारियां निकलीं और कुछ ही सेकंड में क्रेन के केबिन और इंजन हिस्से में भीषण आग भड़क उठी।
राहत और बचाव कार्य: मुंबई पोर्ट फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
घटना के वक्त बंदरगाह पर अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और क्रेन से निकलता काला धुआं दूर से देखा जा सकता था।

हादसे की सूचना तुरंत मुंबई पोर्ट फायर ब्रिगेड (Mumbai Port Fire Brigade) को दी गई। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचकर वाटर टेंडर की मदद से आग पर काबू पाना शुरू किया। दमकल विभाग की मुस्तैदी के कारण आग जहाज के मुख्य ईंधन टैंक या बाकी कार्गो तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया।
घायलों की स्थिति और इलाज
इस दर्दनाक हादसे में बरकत कंपनी के दो कर्मचारी, जो क्रेन को ऑपरेट कर रहे थे, घायल हो गए।
- रंजीत सिंह (क्रेन ऑपरेटर)
- निशांत सिंह (क्रेन ऑपरेटर)
आग लगने और क्रेन के हिलने के दौरान दोनों ऑपरेटरों को गंभीर चोटें और झुलसने के घाव आए। एम्बुलेंस के जरिए दोनों को तत्काल नजदीकी सेंट जॉर्ज अस्पताल (St. George Hospital, Mumbai) ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मुंबई पुलिस और येलो गेट थाना की जांच
दुर्घटना के बाद येलो गेट पुलिस स्टेशन (Yellow Gate Police Station) और मुंबई पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने पूरे इलाके को सील करके घटना के कारणों की कानूनी और तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
मुंबई पुलिस का आधिकारिक बयान: “30 अगस्त को शाम 7:30 बजे BPS पोर्ट पर ‘वियना’ जहाज से 140 मीट्रिक टन कार्गो उतारते समय तकनीकी खराबी के कारण स्लिंग निकला, जिससे भार दूसरी क्रेन पर आ गया। घर्षण के कारण आग लग गई। दो लोग घायल हुए हैं और मामले की विस्तृत जांच (Investigation) जारी है।”
पोर्ट ऑपरेशन्स में सेफ्टी और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) पर सवाल
मुंबई पोर्ट भारत का एक प्रमुख कमर्शियल हब है। रोजाना यहाँ सैकड़ों टन भारी कंटेनर और इंडस्ट्रियल सामान उतारा जाता है। इस हादसे ने बंदरगाहों पर सुरक्षा मानकों (Safety Protocols) को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
1. भारी लोडिंग में दोहरी क्रेन का जोखिम
जब दो क्रेनों को एक साथ 140 मीट्रिक टन जितना भारी वजन उठाने के लिए लगाया जाता है, तो दोनों क्रेनों के बीच माइक्रो-सेकंड सिंक्रनाइज़ेशन बेहद जरूरी होता है। एक भी क्रेन का असंतुलन दूसरी क्रेन के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
2. स्लिंग और वायर रोप की गुणवत्ता
जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या इस्तेमाल किया गया स्लिंग (रस्सी/पट्टा) 140 मीट्रिक टन भार सहने के लिए प्रमाणित (certified) था या उसमें कोई मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट या पुराना घिसाव था।
Frequently Asked Questions
Q1: मुंबई के BPS पोर्ट पर हादसा कब और कैसे हुआ?
उत्तर: यह हादसा रविवार, 30 अगस्त 2026 की शाम करीब 7:30 बजे BPS पोर्ट पर हुआ। बारबाडोस के ‘वियना’ जहाज से 140 मीट्रिक टन कार्गो उतारते समय क्रेन की स्लिंग फिसल गई। इससे पूरा वजन दूसरी क्रेन पर गया, जो असंतुलित होकर जहाज से टकरा गई और घर्षण से आग लग गई।
Q2: इस क्रेन हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं?
उत्तर: इस दुर्घटना में बरकत कंपनी के दो क्रेन ऑपरेटर—रंजीत सिंह और निशांत सिंह—घायल हुए हैं। घटना के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए मुंबई के सेंट जॉर्ज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
Q3: दुर्घटनाग्रस्त क्रेन और जहाज किस कंपनी/देश के थे?
उत्तर: मालवाहक जहाज का नाम ‘वियना’ (Vienna) था, जो बारबाडोस (Barbados) देश के झंडे तले संचालित हो रहा था। वहीं, पोर्ट पर 140 मीट्रिक टन कार्गो को उतारने का काम संभाल रही क्रेनें ‘बरकत कंपनी’ की थीं।
Q4: क्या आग पर काबू पा लिया गया है और क्या जांच शुरू हुई है?
उत्तर: जी हां, हादसे की सूचना मिलते ही मुंबई पोर्ट फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। वहीं, मुंबई पुलिस और येलो गेट पुलिस स्टेशन ने सुरक्षा नियमों और तकनीकी विफलता की जांच शुरू कर दी है।
निष्कर्ष (Conclusion)
मुंबई के BPS पोर्ट पर हुआ यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा (Industrial Safety) की अनदेखी और तकनीकी खामियों के खतरों को रेखांकित करता है। हालांकि मुंबई पोर्ट फायर ब्रिगेड की त्वरित मुस्तैदी से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और एक बहुत बड़ी तबाही टल गई। भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भारी लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान स्लिंग्स, क्रेन्स और सेफ्टी बेल्ट्स का कड़ा सुरक्षा ऑडिट और ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद अनिवार्य है।
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