रीवा: बारिश के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिला प्रशासन रीवा मच्छरों से होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर आ गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से ‘मलेरिया जागरूक रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी ने इस वाहन को रवाना किया, जो जिले भर में घूमकर लोगों को जागरूक करेगा।
आदिवासी और हाई-रिस्क इलाकों पर विशेष फोकस
मलेरिया अधिकारी के मुताबिक, यह जागरूकता वाहन विशेष रूप से जिले के चिन्हित और संवेदनशील गांवों में जाएगा। हनुमना क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य और उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) वाले गांवों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि समय रहते बीमारी को फैलने से रोका जा सके।
आशा कार्यकर्ताओं को मिली जांच किट
गांवों में मलेरिया की तुरंत पहचान के लिए मैदानी अमले को मजबूत किया गया है। सभी आशा कार्यकर्ताओं को विशेष मलेरिया जांच किट उपलब्ध कराई गई है, ताकि बुखार के मरीजों की गांव में ही तुरंत जांच की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनता से अपील:
अभियान के दौरान लोगों को मच्छरों से बचने के लिए इन जरूरी बातों की जानकारी दी जा रही है:
- मच्छरदानी का उपयोग: बारिश के मौसम में मलेरिया और डेंगू से बचने का सबसे असरदार तरीका मच्छरदानी लगाकर सोना है।
- जलजमाव रोकें: अपने घर, कूलर, टायरों और आसपास के गड्ढों में बारिश का पानी जमा न होने दें।
- तुरंत डॉक्टर से मिलें: अगर तेज ठंड या कंपकंपी के साथ बुखार आए, तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर मुफ्त जांच और इलाज करवाएं।
यह अभियान जिले में मलेरिया और डेंगू नियंत्रण को मजबूत बनाते हुए आम लोगों को सेहतमंद रहने के लिए प्रेरित करेगा।




