AI चिप सेक्टर की famous कंपनी के CEO Jensen Huang की देखरेख में Nvidia नेहाल ही में रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है लेकिन इसके बावजूद कंपनी के शेयर में गिरावट देखने को मिल रही है। मजबूत तिमाही नतीजे होने के बाद भी निवेश करने वाले लोगों का रिएक्शन उम्मीद के अनुसार नहीं दिख रहा है जिससे बाजार में इसके भविष्य की ग्रोथ को लेकर एक चर्चा शुरू हो चुकी है।

Jensen Huang के देखरेख में रिकॉर्ड प्रदर्शन
दरअसल Jensen Huang के देख रेख में Nvidia ने हालिया तिमाही में जबरदस्त रेवेन्यू और मुनाफा दर्ज किया है कंपनी का ऐसा अच्छा प्रदर्शन बाजार के अनुमान से बेहतर था और आने वाले तिमाही के लिए यह एक पॉजिटिव संकेत भी दे रहा था। इसके बावजूद भी निवेश करने वाले लोगों का रिएक्शन काफी ठंडा दिखा जिससे साफ पता चला कि अब बाजार सिर्फ वर्तमान के नतीजे से आगे की कहानी देख रहा है।
ये भी पढ़े : IRFC Share Analysis: IRFC शेयर में बड़ी गिरावट की चेतावनी! क्या वाकई ₹100 तक टूट सकता है?
AI पर निर्भरता बनी मुख्य चिंता
Nvidia की कमाई का बड़ा हिस्सा AI आधारित डेटा सेंटर के कारोबार से ही आता है। AI तकनीक में तेजी होने से बढ़ते निवेश ने कंपनी को जबरदस्त का फायदा पहुंचाया है। की लेकिन निवेश करने वाले लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या AI कई इंफ्रास्ट्रक्चर पर इतना बड़ा खर्च होना लंबे समय तक जारी रहेगा? अगर यह खर्च धीमा हो जाता है तो क्या कंपनी की ग्रोथ पर इसका असर हो सकता है।
बड़े ग्राहकों पर कंपनी की निर्भरता
कंपनी की इनकम का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा क्लाउड और टेक्निकल कंपनी से ही आता है। बाजार के विशेषज्ञ के अनुसार अगर कंपनी भविष्य में खुद के AI चिप बनाती है तो Nvidia की मांग प्रभावित हो सकती है यह निवेश करने वाले लोगों के लिए एक रिस्क की तरह हो सकता है।
बढ़ते कंपटीशन का है दबाव
AI चिप बाजार में तेजी से कंपटीशन के दौर में बढ़ रही है कई सारी कंपनियां है जो अब कस्टम चिप्स पर काम कर रही है। इससे भविष्य में इस कंपनी के प्रभुत्व पर चुनौती भी हो सकती है यही कारण है कि इसके शानदार नतीजे होने के बाद भी मार्केट में निवेश करने वाले लोगों का उत्साह सीमित सा दिख रहा है।
अच्छे नतीजे भी क्यों नहीं कर पाए शेयर पर असर?
दरअसल कंपनी के शेयर में पिछले साल ही तेजी से उछाल आया था ऐसे में निवेश करने वाले लोग अब केवल मजबूत प्रदर्शन ही नहीं बल्कि लंबी अवधि के लिए एक स्थिर वृद्धि का उम्मीद करते हैं हाल ही में हुई गिरावट या संकेत देती है कि बाजार अब AI को लेकर स्थिरता और भविष्य की मांग को लेकर ज्यादा सतर्कता महसूस करता है।
ये भी पढ़े : सरकार 4% तक रेल कंपनी के IRFC शेयर बेचेगी, ₹5430 करोड़ जुटाने की तैयारी
निवेश करने वाले लोगों को क्या संकेत मिलता है
हालांकि कंपनी का मौजूदा प्रदर्शन अभी भी मजबूत ही है लेकिन निवेश करने वाले लोगों की नजर इस बात पर है कि आने वाले वर्षों में AI की मांग मार्केट में कितना ज्यादा टिकाऊ रहती है यही कारक आगे चलकर इसके शेयर की दिशा तय करेगा।
