SBI Q4 Results: भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के रिजल्ट जारी की है। एसबीआई का स्टैंड अलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 6% से बढ़कर 19684 करोड रुपए हो गया जो की बाजार के अनुमान से बेहतर बताया जा रहा है। हालांकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट और ऑपरेटिंग प्रॉफिट कमजोर रहने से एसबीआई के शेयर में रिजल्ट के बाद दबाव भी देखने को मिला है।

SBI Results में मुनाफा बढ़ा, लेकिन ऑपरेटिंग weak
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार एसबीआई का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में समान तिमाही बढ़ा है। एसबीआई बैंक के नेट इंटरेस्ट इनकम में भी 4% की वृद्धि लगभग दर्ज की गई है वहीं बैंक का क्रॉस नॉन परफॉर्मिंग असेट्स घटकर 1.49% पर हो गया है जो कि बेहतर asset क्वालिटी का संकेत देता है। हालांकि चौथी तिमाही में बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट करीब 16% तक घटा दिखा। बाजार विश्लेषकों के अनुसार ट्रेजरी इनकम में कमजोरी और मार्जिन पर दबाव इसके प्रमुख कारण दिख रहेथे। रिजल्ट के बाद एसबीआई का शेयर करीब 7% तक की गिरावट दर्ज किया है।
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NIM में गिरावट बनी निवेशक की बड़ी चिंता
SBI Results में सबसे ज्यादा चर्चा बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन को लेकर हो रही है। बैंक का घरेलू एन आई एम घटकर लगभग 2.8% पर हो गया है जो कि पिछले साल की तुलना में कमजोर बताया जा रहा है। विश्लेषकों की जानकारी के अनुसार जमादारों में बढ़ोतरी और कर्ज पर प्रतिस्पर्धा ब्याज दरों के कारण बैंकों का मार्जिन दबाव बढ़ रहा है। इसका असर आने वाले तिमाहियों में भी देखने को मिल सकता है। कंपनी का ऑफिशियल बयान में कहा गया है कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ स्थिर है और रिटेल कृषि और एमएसएमई सेक्टर में लोन की मांग भी मजबूत है।
Asset Quality में सुधार से इसको मिला सहारा
SBI Results का पॉजिटिव पक्ष बैंक की मजबूत असेट्स क्वालिटी है। बैंक का ग्रॉस एनपीए और नेट एनपीए दोनों में गिरावट देखी गई है बैंकिंग सेक्टर में विशेषज्ञों के अनुसार खराब कर्ज में कमी होने से पब्लिक क्षेत्र के बैंकों के लिए पॉजिटिव संकेत मिलते हैं। इसके अलावा बैंक ने 17.35 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा भी की है इससे लॉन्ग टर्म के निवेशकों का भरोसा मजबूत रहने की संभावना बताई जा रही है।
SBI Share पर क्या हो रहा है असर
रिजल्ट जारी होने के बाद SBI Share मैं शुरूआती कारोबार के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है इंट्राडे कारोबार में शेयर में गिरावट दर्ज हुई है क्योंकि निवेश करने वाले लोगों ने कमजोर मार्जिन और ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर अपनी चिंता दर्शाइ है। ब्रोकरेज के फर्म के अनुसार बैंक की मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर असेट्स क्वालिटी लंबे समय में पॉजिटिव कारक बने रह सकते हैं। हालांकि कम समय की अवधि में ब्याज मार्जिन पर दबाव देखा जा सकता है।
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SBI Q4 Results का आगे का आउटलुक
बाजार की निवेशकों का मानना है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर में क्रेडिट ग्रोथ बनी रहने की संभावनाएं हैं एसबीआई जैसी बड़ी सरकारी बैंक रिटेल और कॉरपोरेट लोन से भी अपना फायदा उठा सकती है। हालांकि व्याज दर और इनकम की दिशा में आने वाले तिमाहियों में प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि यह जानकारी केवल जानकारी के उद्देश्य से है ,निवेश की सलाह के तौर पर नहीं समझे।




