International Youth Day: युवाओं में क्यों बढ़ रहा Diabeties, bp का खतरा?

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Young Indians lifestyle: आजकल की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में युवाओं की सेहत पर भी लाइफस्टाइल का असर दिखने लगा है। कम उम्र में ही डायबिटीज, बीपी और फैटी लिवर जैसे समस्या हो जाना लाइफ टाइम के लिए खतरा बन रही है।International Youth Day 2026 पर युवाओं की बदलती लाइफस्टाइल और उससे जुड़े स्वास्थ्य के खतरों पर ध्यान देना बहुत जरूरीहै।

international youth day,Young Indians: Why is the risk of diabetes and high blood pressure rising in their 20s?

भारतीय युवा में क्यों बढ़ रहा बीमारी का खतरा?

20s की उम्र में आमतौर पर लोगों को सेहतमंद माना जाता है लेकिन आजकल की बदलती खान-पान की आदतें और काम फिजिकल एक्टिविटी इस धारणा को बदलता जा रही है। ज्यादा कैलोरीज बढ़ता वजन और लगातार बैठे रहने की आदत डायबिटीज या बीपी जैसे खतरों को बढ़ा सकती है। 2026 में डॉक्टर ने भी युवा की वर्किंग एज पापुलेशन में डायबिटीज हाइपरटेंशन और फैटी लीवर जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी दिक्कत या जल्दी सामने आने वाली दिक्कतों के बाद में बात की है।

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ज्यादा processed food खाना बन रहा बड़ी समस्या

Young Indians में आज के समय में ज्यादातर लोग के डाइट में packaged snacks, sugary drinks, fast food और ज्यादा refined carbohydrates जैसी हिस्सेदारी बड़ी है। जिससे वजन तथा मेटाबॉलिक हेल्थ पर भी असर पड़ता देखा जा रहा है खास तौर पर पेट के आसपास जमा ज्यादा मोटापा इन्सुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक की दिक्कतों के कारण होता है।

लगातार घंटों बैठना और exercise की कमी

ऑफिस पढ़ाई और मोबाइल कंप्यूटर आदि के कारण लोगों का लंबे समय तक बैठे रहना भी आज के समय में एक चिंता का विषय है। नियमित फिजिकल एक्टिविटी नहीं होने पर वजन बढ़ता है और मेटाबॉलिक हेल्थ खराब होने का रिस्क बढ़ जाताहै। युवाओं में लाइफस्टाइल के खतरे को पहचान लेना और समय रहते उसमें बदलाव करना बहुत जरूरी है। एक भारतीय रिसर्च में युवा मेडिकल स्टूडेंट के बीच भी फिजिकल एक्टिविटी न करने ओवरवेट होने और अनहेल्दी डाइट खान जैसे रिस्क के फैक्टर देखे गएहैं।

Diabetes, BP और fatty liver का आपस में क्या संबंध

डायबिटीज बीपी और फैटी लीवर जैसी समस्याएं अलग-अलग नहीं होती हैं।Obesity, high blood sugar, high triglycerides और high BP जैसे factors metabolic syndrome का ही हिस्सा होते हैं फैटी लीवर भी मोटापे और टाइप टू डायबिटीज जैसी मेटाबॉलिक कंडीशन से जुड़ी होती है। बिहार में टाइप टू डायबिटीज के पेशेंट पर हुए इस अध्ययन में फैटी लीवर के साथ-साथ मोटापा हाइपरटेंशन हाई ब्लड शुगर और बेकार लाइफस्टाइल जैसे फैक्टर देखेंगए हैं।

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अब युवाओं को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

कम उम्र में बीमारी होने का मतलब या नहीं है कि हर युवा इन समस्या से ही जूझ रहा है लेकिन पारिवारिक बीमारी का इतिहास ज्यादा वजन पेट की चर्बी खराब डाइट जैसे कारण अगर आपके जीवन में मौजूद है तो इसमें बदलाव करना बहुत जरूरी होता है। वजन को स्वस्थ सीमा में रखना नियमित एक्सरसाइज करना संतुलित भोजन खाते रहना और जरूरत के अनुसार ब्लड प्रेशर तथा शुगर की जांच करना हेल्पफुल होता है। युवा स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाना ही International Youth Day जैसे अवसर का अहम उद्देश्य है।

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