भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने एक अंतरराष्ट्रीय विवाद में आर्बिट्रेटर (मध्यस्थ) नियुक्त किया है। यह मामला रूस और यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशादबैंक (Oschadbank) के बीच चल रहे अरबों रुपये के विवाद से जुड़ा है।
ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेनी बैंक का आरोप है कि रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ और उसके कई एसेट्स व कारोबारी संचालन प्रभावित हुए। बैंक इस मामले में पहले ही करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर के मुआवजे का दावा कर चुका है।
अब इस विवाद की सुनवाई एक अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल में होगी। ट्रिब्यूनल में कुल तीन सदस्य होंगे। रूस की ओर से पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को आर्बिट्रेटर नियुक्त किया गया है, जबकि यूक्रेनी बैंक ने ग्रीस के स्टावरोस ब्रेकोउलाकिस को अपना प्रतिनिधि बनाया है। ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर डायला जिमेनेज करेंगी।
रिपोर्ट के अनुसार, ओशादबैंक का कहना है कि 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान डोनेट्स्क, लुहान्स्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में उसके कई एसेट्स और बिजनेस ऑपरेशंस प्रभावित हुए। इसी को लेकर बैंक ने मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की है।
यह मामला रूस और यूक्रेन के बीच 1998 में हुई द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty) के तहत सुना जाएगा। ट्रिब्यूनल दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला देगा।
गौरतलब है कि इससे पहले भी रूस की ओर से पूर्व CJI चंद्रचूड़ को कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों में आर्बिट्रेटर बनने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया था। हालांकि इस बार उन्होंने इस महत्वपूर्ण मामले में ट्रिब्यूनल का हिस्सा बनने की जिम्मेदारी स्वीकार की है।




