केंद्र सरकार ने 23 लोगों को घोषित किया आतंकी, अयोध्या राम मंदिर की रेकी करने वाला आरोपी भी शामिल

India Declares 23 Individual Terrorists: केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act – UAPA) के तहत 23 लोगों को व्यक्तिगत आतंकी घोषित किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल लोगों का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से है और उन पर आतंकियों की भर्ती, घुसपैठ, फंडिंग, हथियार पहुंचाने और भारत में आतंकी साजिशों में शामिल होने के आरोप हैं। इस कार्रवाई के बाद सरकार द्वारा घोषित व्यक्तिगत आतंकियों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है।

अयोध्या राम मंदिर और RSS मुख्यालय की कथित रेकी का आरोपी भी सूची में

नई सूची में मोहम्मद मुसादिक (Pakistan-Based Terror Suspect Mohammad Musadik) का नाम भी शामिल है। सरकार के अनुसार, उस पर अयोध्या में राम मंदिर और नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh – RSS) मुख्यालय की कथित रेकी करने का आरोप है। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कथित रेकी कब की गई थी।

हाफिज सईद से रिश्तेदारी का दावा

सरकारी जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मुसादिक (Pakistan-Based Terror Suspect Mohammad Musadik) पाकिस्तान का नागरिक है और उसका संबंध हाफिज सईद (Lashkar-e-Taiba Founder Hafiz Saeed) से बताया गया है। सरकार का दावा है कि वह भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा रहा है।

किन आतंकी संगठनों से जुड़े हैं आरोपी?

गृह मंत्रालय के अनुसार, सूची में शामिल लोगों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed – JeM), लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba – LeT), द रेजिस्टेंस फ्रंट (The Resistance Front – TRF) और जमात-उद-दावा (Jamaat-ud-Dawa – JuD) जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है। आरोप है कि ये लोग आतंकियों की भर्ती, सीमा पार घुसपैठ, आतंकी हमलों की साजिश, वित्तीय सहायता और हथियारों की आपूर्ति जैसे कार्यों में शामिल रहे हैं।

17 पाकिस्तान के, 6 जम्मू-कश्मीर के निवासी

23 Terrorists List India: सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, घोषित 23 आतंकियों में 17 पाकिस्तान के रहने वाले हैं। इनमें 7 पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pakistan-Occupied Kashmir – PoK) और 10 पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में रह रहे हैं। वहीं 6 आरोपी जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी बताए गए हैं।

नगरोटा और सुनजवां हमलों से भी जुड़े नाम

सरकार का कहना है कि सूची में शामिल कुछ संदिग्धों का संबंध 2016 नगरोटा आर्मी कैंप हमला (2016 Nagrota Army Camp Attack) और 2022 सुनजवां हमला (2022 Sunjwan Attack) से भी रहा है। नगरोटा हमले में सात भारतीय जवान शहीद हुए थे, जबकि सुनजवां में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (Central Industrial Security Force – CISF) के जवानों को निशाना बनाया गया था। जांच एजेंसियों ने इन हमलों में सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका बताई थी।

UAPA के तहत कैसे घोषित किए जाते हैं व्यक्तिगत आतंकी?

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act – UAPA) में वर्ष 2019 के संशोधन के बाद केंद्र सरकार को यह अधिकार मिला कि वह किसी संगठन के साथ-साथ किसी व्यक्ति को भी व्यक्तिगत रूप से आतंकी घोषित कर सकती है। इससे पहले केवल आतंकी संगठनों को प्रतिबंधित करने का प्रावधान था।

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