असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। मौतों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है और 13 जिलों में 1.55 लाख लोग प्रभावित हैं। जानिए ASDMA की ताजा रिपोर्ट और राहत कार्य।

असम में बाढ़

पूर्वोत्तर भारत का राज्य असम इस समय एक बार फिर भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। राज्य में मानसूनी बारिश के बाद आई बाढ़ की वजह से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) द्वारा जारी ताजा आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो चुकी है। यद्यपि कुछ क्षेत्रों में पानी घटने से प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 13 हो गई है, फिर भी 1.55 लाख से अधिक लोग इस समय बाढ़ के पानी और इसके दुष्प्रभावों से जूझ रहे हैं।

जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है, खेत जलमग्न हैं और हजारों लोग अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।

असम बाढ़ की वर्तमान स्थिति: ASDMA की ताज़ा रिपोर्ट

असम में मानसून के दौरान नदियां अपने उफान पर हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में बाढ़ के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।

यह भी पढ़ें: Parliament Monsoon Session 2026: ‘गृहमंत्री सदन में आएं’ के नारों के बीच पक्ष-विपक्ष में गतिरोध, रिजिजू-राहुल बैठक और विधायी घमासान

मौतों का नया मामला और प्रभावित आंकड़े

ASDMA बुलेटिन के अनुसार, बाढ़ से मौत का नया मामला चराईदेव जिले के महमोरा राजस्व सर्कल से सामने आया है, जिसके बाद कुल मृतक संख्या 98 पहुंच गई। हालांकि, गुरुवार की तुलना में स्थिति में आंशिक सुधार दर्ज किया गया है। गुरुवार को जहां 15 जिले और 1.68 लाख लोग प्रभावित थे, वहीं शुक्रवार को प्रभावित जिलों की संख्या घटकर 13 और कुल प्रभावित आबादी 1,55,849 दर्ज की गई है।

किन जिलों में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक?

राज्य के 13 जिलों के 33 राजस्व सर्कल के अंतर्गत आने वाले 464 गांव इस समय बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों की सूची में गोलाघाट शीर्ष पर है।

जिलाप्रभावित आबादी
गोलाघाट (Golaghat)58,750
शिवसागर (Sivasagar)48,286
जोरहाट (Jorhat)25,259

असम में बाढ़ प्रभावित 13 जिलों की सूची और जमीनी हकीकत

असम के ऊपरी और निचले हिस्सों में बाढ़ का असर व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। वर्तमान में प्रभावित 13 जिले निम्नलिखित हैं:

  1. शिवसागर
  2. गोलाघाट
  3. नागांव
  4. होजई
  5. सोनितपुर
  6. धेमाजी
  7. दरंग
  8. विश्वनाथ
  9. कामरूप (मेट्रो)
  10. लखीमपुर
  11. उदलगुरी
  12. जोरहाट
  13. चराईदेव

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र: गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट

पूर्वी असम के ये तीन जिले प्राकृतिक आपदा की सबसे भीषण मार झेल रहे हैं। गोलाघाट में अकेले 58,000 से अधिक लोग बेघर या जलभराव से प्रभावित हैं। वहीं शिवसागर और जोरहाट में सड़कें और रिहायशी इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।

बुनियादी ढांचे और कृषि को पहुंचा भारी नुकसान

पानी का तेज बहाव केवल बस्तियों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि उसने बुनियादी ढांचे की कमर तोड़ दी है। कई स्थानों पर मुख्य सड़कें कट गई हैं, पुल बह गए हैं और बिजली के खंभे गिर जाने से संचार व विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है।

नदियों का जलस्तर और खतरे का निशान

हिमालयी क्षेत्रों और कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

चरणघटना / स्थिति
1पहाड़ों में मूसलाधार बारिश
2ब्रह्मपुत्र, धनसिरी व कुशियारा का जलस्तर बढ़ा
3तटबंध टूटना व रिहायशी इलाकों में पानी घुसना
413 जिलों के 464 गांवों में भीषण बाढ़

धनसिरी और कुशियारा नदी में उफान

सरकारी बुलेटिन के अनुसार, धनसिरी नदी गोलाघाट शहर और नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके अलावा श्रीभूमि जिले में कुशियारा नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। नदियों का पानी लगातार नए ग्रामीण इलाकों में प्रवेश कर रहा है।

10,748 हेक्टेयर फसल और 47,000 से अधिक मवेशी प्रभावित

इस आपदा ने राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंचाई है। आंकड़ों के अनुसार:

  • जलमग्न कृषि क्षेत्र: 10,748.64 हेक्टेयर फसल भूमि पूरी तरह से पानी में डूबी हुई है।
  • प्रभावित मवेशी: 47,000 से अधिक बड़े और छोटे जानवर/पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं।
  • आवास क्षति: सैकड़ों घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो चुके हैं।

प्रशासन का राहत और बचाव अभियान

असम सरकार, एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय प्रशासन मिलकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

55 राहत शिविर और 18 वितरण केंद्र

आपदा से विस्थापित हुए लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए राज्य में 55 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें 10,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। इसके अतिरिक्त 18 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से भोजन, पीने का पानी, शिशु आहार और चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।

यह भी पढ़ें: मुंबई में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सुरक्षा में तैनात 41 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल गणेश रायते की हार्ट अटैक से अचानक मौत हो गई। जानिए पूरी घटना और अभिनेता की सुरक्षा से जुड़े अहम तथ्य।

9 अगस्त से 30 अगस्त तक चलेगा डोर-टू-डोर क्षति आकलन

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की है कि 9 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक चार सबसे अधिक प्रभावित जिलों (जोरहाट, शिवसागर, चराईदेव और गोलाघाट) में एक विशेष डोर-टू-डोर सर्वेक्षण चलाया जाएगा।

  • अधिकारी एक विशेष मोबाइल ऐप के माध्यम से नुकसान की तस्वीरें अपलोड करेंगे।
  • राज्य सरकार का लक्ष्य किसी भी पात्र पीड़ित को मुआवजा व राहत राशि से वंचित न रखना है।

बाढ़ आपदा से बचाव और दीर्घकालिक समाधान

असम में हर साल आने वाली यह आपदा केवल तात्कालिक राहत से हल नहीं हो सकती। इसके लिए एक ठोस और दीर्घकालिक नीति की आवश्यकता है।

बाढ़ पूर्व तैयारी और चेतावनी प्रणाली

अर्ली वार्निंग सिस्टम (Early Warning System) को और बेहतर बनाने की जरूरत है ताकि नदियों का जलस्तर बढ़ते ही तटीय इलाकों के ग्रामीणों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा सके।

बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की आवश्यकता

नदियों के तटबंधों (Embankments) का नियमित रखरखाव, नदियों की ड्रेजिंग (गाद निकालना) और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण कार्य ही असम को इस वार्षिक बाढ़ त्रासदी से परमानेंट राहत दिला सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. असम में बाढ़ की वर्तमान स्थिति क्या है?

उत्तर: असम में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। वर्तमान में 13 जिलों के 1.55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और मौतों का आंकड़ा 98 तक पहुंच चुका है। गोलाघाट, शिवसागर और जोरहाट जिले सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं।

Q2. असम की इस बाढ़ में कौन सा जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है?

उत्तर: गोलाघाट जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां अकेले 58,750 लोग बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। इसके बाद शिवसागर (48,286) और जोरहाट (25,259) सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं।

Q3. असम सरकार प्रभावित लोगों के लिए क्या राहत कदम उठा रही है?

उत्तर: सरकार 55 राहत शिविर और 18 वितरण केंद्र चला रही है, जहां 10,000 से अधिक लोगों को आश्रय दिया गया है। साथ ही 9 से 30 अगस्त तक नुकसान के सटीक आकलन के लिए डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है।

Q4. बाढ़ के कारण फसलों और पशुओं को कितना नुकसान हुआ है?

उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार, 10,748.64 हेक्टेयर से अधिक फसल भूमि जलमग्न हो चुकी है और 47,000 से अधिक मवेशी व जानवर इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए हैं।

Q5. कौन सी नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं?

उत्तर: गोलाघाट जिले में धनसिरी नदी (गोलाघाट शहर और नुमालीगढ़) और श्रीभूमि जिले में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

यह भी पढ़ें: Parliament Monsoon Session 2026: ‘गृहमंत्री सदन में आएं’ के नारों के बीच पक्ष-विपक्ष में गतिरोध, रिजिजू-राहुल बैठक और विधायी घमासान

निष्कर्ष (Conclusion)

असम में आई यह भीषण बाढ़ केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन, कृषि और अर्थव्यवस्था पर एक गहरा प्रहार है। 98 जिंदगियों का जाना और 1.55 लाख लोगों का बेघर होना एक अत्यंत चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। यद्यपि प्रशासन और राहत टीमें दिन-रात कार्य कर रही हैं और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है, लेकिन स्थायी समाधान के बिना हर साल होने वाले इस नुकसान को रोकना कठिन है। बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक चेतावनी प्रणालियों और नदी प्रबंधन तकनीकों के माध्यम से ही असम को भविष्य में ऐसी बाढ़ विभीषिका से सुरक्षित रखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, आज ही Shabdsanchi के सोशल मीडिया पेजों को फ़ॉलो करें और अपडेटेड रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *