रीवा पाठ्य पुस्तक डिपो में आग, जल गई छात्रों की बुक, 35 लाख के किताबों और 40 लाख के हेराफेरी की होनी है जांच

रीवा। रीवा के चोरहटा स्थित मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के डिपो में सोमवार रात करीब 10 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई, जिसमें एनसीईआरटी की हजारों किताबें जलकर राख हो गईं। ये किताबें छात्रों को निःशुल्क वितरित की जानी थीं। आग लगने की सूचना मिलते ही एसडीएम सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने के बाद डिपो प्रबंधक प्रवेश तिवारी को तत्काल हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें कुछ दिन पहले ही अटैचमेंट पर डिपो प्रबंधक बनाकर भेजा गया था।

जांच से पहले सुलग उठा गोदाम

ज्ञात हो कि हाल ही में दर्ज दो ट्रक किताबों के गायब होने और 40 लाख रुपये से अधिक की हेराफेरी वाले घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है। करीब 35 लाख रुपये की 450 बंडल किताबें गायब होने के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और भोपाल से विशेष जांच टीम के आने की तैयारी थी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही गोदाम में आग लग गई, जिसमें बड़ी संख्या में किताबें जलकर राख हो गईं। अब इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आग की घटना से उठ रहे गंभीर सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिन किताबों का मिलान होना था और जिनके आधार पर जांच आगे बढ़नी थी, उनके जल जाने के बाद जांच किस आधार पर आगे बढ़ेगी। आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। स्कूल के छात्रों के लिए रखी हुई लाखों रुपये की किताबों के गायब होने का मामला पहले से जांच के दायरे में था। ऐसे में जांच टीम के पहुंचने से पहले गोदाम में आग लगना कई सवाल खड़े कर रहा है। क्या यह सिर्फ एक हादसा है या फिर सबूत मिटाने की कोशिश? इसका जवाब अब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए मामले की गहन जांच की जा रही है।

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