Cyclone Arnab। अर्नब चक्रवात से आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तूफानी बारिश होने के कारण पूरा क्षेत्र अस्त-व्यस्त हो गया है, तो राज्य सरकार और प्रशासन लोगो को सुरक्षित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा यह अर्नब चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ ही बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कई जिलों में है। ज्ञात हो कि अर्नब चक्रवात आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट से देर रात 11 से 1 बजे के बीच टकराया था। इसके असर से दोनों राज्यों के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है।
अर्नब चक्रवात की चाल
बंगाल की खाड़ी से शुरू हुए इस चक्रवात हवा की रफ्तार 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जो बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों के साथ चली। यह सिस्टम 23-24 सितंबर की दरम्यानी रात उत्तर आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास तट को पार कर गया है। तब तूफान का रूख लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, यह औपचारिक रूप से चक्रवात नहीं बल्कि एक डीप डिप्रेशन (गहरा दबाव) है, जो अब जमीन पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है।
इन राज्यों के लिए चेतावनी
इस चक्रवात के रूख को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है। तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और समुद्र के असाधारण रहने की संभावना है।
चक्रवात क्या होते हैं और ये बनते कैसे हैं?
चक्रवात एक गोलाकार तूफान (सर्कुलर स्टॉर्म) होते हैं, जो गर्म समुद्र के ऊपर बनते हैं। जब ये चक्रवात जमीन पर पहुंचते हैं, तो अपने साथ भारी बारिश और तेज हवाएं लेकर आते हैं। ये हवाएं उनके रास्ते में आने वाले पेड़ों, गाड़ियों और कई बार तो घरों को भी तबाह कर सकती हैं।




