महंगाई बढ़ने पर निवेश करने वाले लोग ऐसे विकल्प का ऑप्शन तलाश में लगते हैं जिसे रोज की इनकम मिल सके। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में तीन ऐसी कंपनियों का जिक्र किया गया है जो गैस वितरण गैस इंफ्रास्ट्रक्चर सुपर मार्केट संपत्तियों के बिजनेस से जुड़ी हुई है हालांकि dividend देने वाली हर कंपनी सुरक्षित निवेश का ऑप्शन नहीं होती है।

महंगाई के दौर में क्यों चर्चा में है यह शेयर
जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती जा रही है कंपनी की लागत और ब्याज के खर्च भी बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे समय में नियमित नगद प्रभाव वाली कंपनी निवेश करने वाले लोगों का ध्यान खींचती आ रही है। इस रिपोर्ट में वन गैस पेट्रोनस गैस बियर हेड और सुपरमार्केट इनकम आदि को शामिल किया गया। इन तीनों कंपनियों के बिजनेस अलग-अलग है इसलिए उनकी कमाई, dividend के भुगतान और निवेश करने वाले लोगों के रिस्क को अलग-अलग समझना जरूरी है।
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ONE Gas की प्राकृतिक गैस वितरण से कमाई
यह कंपनी अमेरिका की प्राकृतिक गैस कंपनी है जो ओखलाहोना, कंसास और टेक्सास में ग्राहकों को गैस वितरण की सेवाएं प्रदान करती हैं इसका बिजनेस नियम अनुसार व्यवस्था के तहत चलता रहता है जो कंपनी की इनकम में स्थिरता बनाए रखने में मदद कर सकता है। इस कंपनी ने जनवरी 2026 में तिमाही के dividend को बढ़ाकर 0.68 डॉलर प्रति शेयर कर दिया था। इस रेट के आधार पर सालाना भुगतान 2.72 डॉलर प्रति शेयर का बनता हुआ नजर आता है। हालांकि भविष्य में इसका डिविडेंड बढ़ेगा या फिर नहीं यह कंपनी के फाइनेंशियल स्थिति और बोर्ड के फैसले पर ही निर्भर होने वाला है।
PETRONAS Gas Berhad का गैस इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मलेशिया की कंपनी पेट्रोनस गैस, गैस की प्रोसेसिंग परिवहन और रिग्रेसिंग सेवाएं देती है। लंबे समय के अनुबंध और विनयमित tarif इसके बिजनेस को सहारा दे सकते हैं। कंपनी ने 2026 की पहली छमाही में 942 मिलियन मलेशिया रिंगिट का शुद्ध लाभ हासिल किया था जो कि पिछले साल की समान अवधि से तीन परसेंट कम था। इसी अवधि में 16 सेन प्रति शेयर का दूसराअंतिम dividend भी घोषित किया गया है जिससे पता चलता है कि डिविडेंड मिलने के बाद भी कंपनी के मुनाफे में होने वाले बदलाव पर नजर रखना बहुत जरूरी है।
Supermarket Income REIT की किराये से
ब्रिटेन की सुपरमार्केट इनकम कंपनी सुपरमार्केट संपत्तियों में निवेश करके किराए से अपनी कमाई करती है जिससे कुछ किराया अनुबंध महंगाई से जुड़ी शर्तों पर आधारित रहता है और इनकम को सहारा मिल सकता है। जून 2026 में समाप्त फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का घोषित डिविडेंड 6.2 पेंस प्रति शेयर था। जबकि इप्र कमाई 5.7 पेंस प्रति शेयर रही है। डिविडेंड कर लगभग 93% तक था और कर्ज के मुकाबले संपत्तियों का टोटल अनुपात 43.9% तक पहुंच चुका था। इसलिए निवेश करने से पहले कंपनी की कमाई और कर्ज दोनों का आकलन हो जाना जरूरी होता है।
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निवेश करने से पहले इन रिस्क को समझें
इन सभी कंपनियों में निवेश करने से पहले मौजूद शेर की कीमत डिविडेंड यील्ड कर्ज और नगद प्रवाह की जांच कर लेनी चाहिए। केवल ऊंची डिविडेंड को देखकर शेयर खरीदना सही प्लानिंग नहीं होती है। भारतीय निवेश करने वाले लोगों को विदेशी मुद्रा में अवतार चढ़ा लेनदेन शुल्क और टैक्स नियमों को भी समझ लेना चाहिए। ध्यान रहे या आर्टिकल केवल जानकारी के उद्देश्य से है कोई व्यक्तिगत निवेश की सलाह नहीं।




