बेस्टसेलर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. इस बार उन्होंने बताया है कि अमीर, गरीब और मिडिल क्लास की सोच में कमाई को लेकर कितना बड़ा अंतर होता है.
कियोसाकी अक्सर सोना, चांदी और बिटकॉइन में निवेश की सलाह देते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने पैसे कमाने के तरीके पर फोकस किया है.
पैसे की भाषा समझते हैं अमीर लोग
रॉबर्ट कियोसाकी का कहना है कि अमीर बनना है तो सबसे पहले पैसे की भाषा सीखनी होगी. उनके मुताबिक हर व्यक्ति को इनकम के 3 प्रकार के बीच का फर्क पता होना चाहिए:
- Earned Income – मेहनत से कमाई
- Portfolio Income – पोर्टफोलियो से कमाई
- Passive Income – बिना काम के आने वाली कमाई
गरीब लोग सबसे मुश्किल इनकम के पीछे भागते हैं
कियोसाकी के अनुसार गरीब वर्ग सिर्फ Earned Income यानी नौकरी करके सैलरी कमाने पर ध्यान देता है. वो इसे सबसे खराब इनकम मानते हैं, क्योंकि इस पर सरकार सबसे ज्यादा टैक्स वसूलती है. आप जितना ज्यादा कमाते हैं, उतना ज्यादा टैक्स देना पड़ता है.
मिडिल क्लास की सोच
अपनी हालिया पोस्ट में कियोसाकी ने कहा कि मिडिल क्लास लोग Portfolio Income के लिए काम करते हैं। इसमें स्टॉक, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश शामिल हैं। उनका कहना है कि इस तरह की कमाई पर Earned Income के बाद सबसे ज्यादा टैक्स लगता है.
अमीर लोग Passive Income बनाते हैं
कियोसाकी ने बताया कि असली अमीर लोग Passive Income पर फोकस करते हैं. यह वो पैसा है जो आपके सोते हुए भी आता है, जैसे किराए से कमाई, रॉयल्टी या बिजनेस से होने वाली इनकम। इस पर टैक्स बहुत कम या कई बार जीरो होता है.
उन्होंने वॉरेन बफेट का उदाहरण देते हुए कहा कि बफेट खुद कहते हैं कि वे अपनी सेक्रेटरी से भी कम टैक्स देते हैं, क्योंकि उनकी ज्यादातर कमाई Passive है.
सोने-चांदी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी
कियोसाकी ने एक बार फिर कहा है कि 2026 के अंत तक सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखने को मिल सकती है. वे लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि शेयर बाजार में इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट शुरू हो चुकी है, इसलिए लोगों को सेफ एसेट्स में पैसा लगाना चाहिए.




