नई दिल्ली। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उन्हें समन भेजा है। शनिवार को ED के अधिकारियों ने उनके तिरुवनंतपुरम स्थित किराये के घर के बाहर नोटिस चिपकाया। एजेंसी ने पिनाराई विजयन को 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे कोच्चि स्थित ED कार्यालय में पेश होने और बयान दर्ज कराने के लिए कहा है।
यह मामला कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) और पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। जांच एजेंसियों को इन लेनदेन में कथित अनियमितताओं का संदेह है। हालांकि, मामले में अभी आरोपों की जांच चल रही है और अदालत में किसी का दोष साबित नहीं हुआ है।
ED ने पिनाराई विजयन को 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है। एजेंसी उनसे वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड मांग सकती है तथा उनका बयान दर्ज कर सकती है।
CMRL और एक्सालॉजिक के बीच लेनदेन
CMRL केरल की एक कंपनी है, जबकि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस एक IT कंपनी थी, जिसे पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा चलाती थीं।
आरोप है कि वर्ष 2017 से 2020 के बीच CMRL ने वीणा और उनकी कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान किया। इन भुगतानों को IT कंसल्टेंसी और दूसरी सेवाओं के बदले मिली रकम बताया गया था। हालांकि, जांच एजेंसियों ने सवाल उठाया कि क्या वास्तव में उतनी सेवाएं दी गई थीं, जितने पैसे का भुगतान किया गया।
ED की जांच में CMRL से वीणा और एक्सालॉजिक को कुल 2.78 करोड़ रुपये के भुगतान का मामला सामने आया। इसके अलावा CMRL समूह की एक अन्य कंपनी से 50 लाख रुपये के भुगतान का भी उल्लेख किया गया है। इस तरह लेनदेन की कुल रकम 3.28 करोड़ रुपये बताई गई है।
पिनाराई विजयन पर आरोप
ED का आरोप है कि इन भुगतानों के पीछे सामान्य कारोबारी लेनदेन के अलावा दूसरे कारण भी हो सकते हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि क्या वीणा की कंपनी को भुगतान उनके पिता पिनाराई विजयन की राजनीतिक स्थिति से जुड़ा था और क्या भुगतान को सेवाओं की फीस के रूप में दिखाया गया।
यह मामला शुरुआत में आयकर विभाग की जांच के दौरान सामने आया था। बाद में ED और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) ने भी संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच की।
पिनाराई विजयन और उनके परिवार की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जांच एजेंसियों के आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR
इस मामले में केरल हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर 2026 को राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने ED की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर मामले में आगे जांच करने की जरूरत बताई।
इसके बाद केरल विजिलेंस ने पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए। जांच का दायरा कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों तक फैला हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
ED के समन से पहले पिनाराई विजयन ने FIR दर्ज करने के केरल हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए गिरफ्तारी की आशंका भी जताई थी।
हालांकि, 16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि दशहरा अवकाश के दौरान विशेष पीठ गठित करने या 26 अक्टूबर को अदालत दोबारा खुलने के बाद मामले पर विचार करने की संभावना हो सकती है।




