Coal India OFS: सरकार 2% हिस्सेदारी बेचेगी,अब शेयर पर बढ़ा दबाव

Coal India OFS: Government to sell 2% stake, pressure on stock increases

Coal India: भारत सरकार ने कोल इंडिया में अपनी हिस्सेदारी घटाने के लिए ऑफर फॉर सेल लॉन्च करने की घोषणा की है। सरकार कंपनी में दो प्रतिशत तक की हिस्सेदारी अब बेचने वाली है और इसके लिए 412 रुपए प्रति शेयर का प्राइस तय किया है। इस घोषणा की बात बुधवार को कॉल इंडिया के शेयरों में दबाव देखने को मिल रहा है।अब स्टॉक करीब 6% तक फिसल गया है। बाजार के विश्लेषकों के अनुसार डिस्काउंटेड तो ऑफस प्राइस के कारण निवेश करने वाले लोगों ने सतर्क रुख अपनाया है।

Coal India OFS का क्या है पूरा विवरण

सरकार के पहले चरण में एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जा रही थी जबकि अतिरिक्त एक प्रतिशत की हिस्सेदारी ग्रीन शू ऑप्शन” के तहत रखी गई है इसका मतलब है कि अगर निवेश करने वाले लोगों की मांग मजबूत रहती है तो सरकार एक्स्ट्रा शेयर भी बेचने वाली है। स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार इस ऑफर फॉर सेल के जरिए सरकार को लगभग 5000 करोड रुपए जताने की उम्मीद है। 412 रुपए का फ्लोर प्राइस कोल इंडिया के पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 10% कम है। मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार ने निवेश करने वाले लोगों को आकर्षित करने के लिए यह डिस्काउंट दिया है लेकिन इससे शॉर्ट टर्म में शेयर का दबाव भी बढ़ा है।

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शेयर प्रदर्शन और बाजार की प्रतिक्रिया

बुधवार के कारोबार में Coal India का शेर शुरुआती सत्र में तेज गिरावट होने के साथ खुला इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान स्टॉक लगभग 6% तक टूट गया था बाजार बंद होने तक शेयर में कुछ रिकवरी देखी गई लेकिन निवेश करने वाले लोगों की तरफ से सतर्कता का रुख देखा गया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार ऑफर फॉर सेल होने के दौरान आमतौर पर शेयर में अस्थिरता बढ़ता हुआ देखा जाता है क्योंकि बाजार में अतिरिक्त सप्लाई हो जाती है हालांकि कोल इंडिया अभी भी देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनीहै। ऊर्जा क्षेत्र में इसकी प्लानिंग भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई जाती है।

सरकार की डिसइन्वेस्टमेंट की प्लानिंग

इस कदम में केंद्र सरकार की दिशा इन्वेस्टमेंट और एसेट मोनेटाइजेशन प्लानिंग का एक हिस्सा है सरकार पब्लिक सेक्टर की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर राजस्व जुटाना चाहती है ताकि फाइनेंशियल घाटों को नियंत्रित किया जा सके और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए पूंजी उपलब्ध हो। कंपनी के ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार ऑफर फॉर सेल से पहले सरकार की कोल इंडिया में हिस्सेदारी 63% से ज्यादा है हिस्सेदारी बिक्री होने के बाद भी सरकार कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी।

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क्या है राय और आगे का आउटलुक

ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि Coal India की मजबूत डिविडेंड यील्ड और स्थित नगरी प्रवाह होने से लंबी अवधि के निवेश करने वाले लोगों के लिए यह एक तरह से पॉजिटिव कारक बना हुआ है। हालांकि निकट अवधि में ऑफर फॉर सेल होने के कारण शेयर में उतार-चढ़ाव जारी देखा जा रहा है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार निवेश करने वाले लोगों की नजर अब ऑफर फॉर सेल के मिलने वाले इंस्टीट्यूशन और रिटेल रिस्पांस पर देखने को मिलेगी। अगर यह मांग मजबूत रहती है तो उसे बाजार का भरोसा बढ़ जाएगा हालांकि यह निवेश की सलाह नहीं है इसे वित्तीय सलाहकार के परामर्श से ही समझे।

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