आजकल सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैलता जा रहा है कि लोग Anti-inflammatory Diet को अपनाकर अर्थराइटिस यानी गठिया के रोग को पूरी तरह ठीक कर सकते हैं। हालांकि ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर अखिलेश राठी का कहना है कि यह दावा पूरी तरह से सही नहीं है सही खान-पान खाने से शरीर को जरुर मदद मिलती है लेकिन केवल डाइट के भरोसे गठिया के इलाज होना संभव नहीं होता है।

आखिर Anti-inflammatory Diet क्या है और कैसे मदद करती है?
Anti-inflammatory Diet ऐसे खानपान की आदत होती है इसमें शरीर के सूजन बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की जगह पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का शामिल किया जाता है।इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजा फल, साबुत अनाज, दाल, मेवे,बीज, ओलिव ऑयल, ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ को खाने की सलाह दी जाती है। इससे शरीर की सूजन को कम करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर रखने में काफी मदद मिलतीहै।
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क्या केवल Anti-inflammatory Diet से आपका Arthritis ठीक हो सकता है?
डॉ अखिलेश राठी के अनुसार Anti-inflammatory Diet गठिया का इलाज नहीं है यह केवल इलाज का एक सहायक पार्ट हो सकता है अगर किसी व्यक्ति को ओस्टियोआर्थराइटिस या अन्य प्रकार का गठिया है तो डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई नियमित फिजियोथैरेपी व्यायाम और वजन नियंत्रित रखना भी उतना ही जरूरी होता है। खराब हो चुके जोड़ों के कार्टिलेज को केवल डाइट से दोबारा ठीक नहीं किया जा सकता।
आखिर किन चीजों को खाने और किनसे बचने की सलाह दी जाती है?
खाने के भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज अलसी अखरोट और मछली जैसे चीजों को शामिल करना काफी फायदेमंद बताया जाता है। वही अधिक चीनी वाले खाने अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा वर्षा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित रखने की सलाह दी जाती है। संतुलित आहार के साथ-साथ पर्याप्त पानी पीना और नियमित शारीरिक गतिविधि करना भी जरूरी होता है।
सोशल मीडिया पर फैल रहे कौन-से दावे सही नहीं होते हैं?
टमाटर आलू या डेयरी के उत्पाद हर मरीज में गठिया बढ़ाते हैं। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिलता इसी तरह केवल ग्लूटेन छोड़ देने या फिर महंगे सप्लीमेंट को खाने से हर पेशेंट को फायदा होगा ये भी सही बात नहीं है। हर व्यक्ति के स्वास्थ्य स्थिति अलग-अलग होती है इसलिए खानपान में बदलाव हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही होना चाहिए।
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इसपर डॉक्टर की क्या सलाह है?
डॉक्टर के अनुसार गठिया के मरीजों को इंटरनेट पर वायरल हो रहा है किसी भी घरेलू इलाज पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। संतुलित भोजन नियमित व्यायाम स्वस्थ वजन पर्याप्त नींद और डॉक्टर द्वारा बताई गई दावों का पालन करने से बीमारी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। सही जानकारी और समय पर इलाज होने से लंबे समय तक जोड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।




