आयोध्या। 5 दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम के चलते राजा राम की नगरी आयोध्या दुल्हन की तरह सज गई हैं। भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए रामनगरी में उत्साह का माहौल है। पूरे मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है, तो रंगीन लाइटों की छठा देखते ही बन रही है। आयोध्या नगरी एवं नदी घाट के लम्बे चौड़े क्षेत्र में दीपक जलाकर रोशनी की जा रही है। पूरी परिक्षेत्र दीपक की रोशनी से जगमग हो रहा है।

निकाली गई भव्य शोभायात्रा
शनिवार को साकेत महाविद्यालय से दीपोत्सव की झांकियां निकाली गईं। इनमें शामिल कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से रामायणकालीन प्रसंगों को जीवंत कर दिया। कई राज्यों से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। किष्किंधा कांड सहित रामायण काल की करीब सात झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों को देखने के लिए सड़क किनारे अयोध्यावासियों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग कलाकारों का उत्साह बढ़ाते और मोबाइल में इन यादगार पलों को तस्वीरों के रूप में कैद करते नजर आए।
अयोध्या का दीवाली से ऐसा है रिश्ता
अयोध्या और दीवाली का रिश्ता भगवान श्रीराम की पावन कथा और उनके घर वापसी से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं और रामायण के अनुसार, भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करने और रावण का वध करने के बाद माता सीता और लक्ष्मण के साथ इसी दिन अयोध्या लौटे थे। प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में यहाँ के निवासियों ने पूरे शहर को मिट्टी के दीयों (दीपकों) की कतारों से रोशन कर दिया था। तभी से दीवाली को बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल
अयोध्या को दीवाली का वास्तविक और मूल घर माना जाता है, जहाँ से यह पर्व पूरे भारत में प्रकाश और उल्लास के त्योहार के रूप में प्रचलित हुआ। साल 2016 से उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा अयोध्या में भव्य दीपोत्सव मनाने की परंपरा शुरू हुई है। दीवाली के अवसर पर सरयू नदी के घाटों पर लाखों दीये जलाए जाते हैं, जो आज वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनते हैं।
दीपोत्सव
- दीपोत्सव (छोटी दिवाली): शनिवार, 7 नवंबर 2026 को।
- दिवाली (लक्ष्मी पूजन): रविवार, 8 नवंबर 2026 को।
- लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त (8 नवंबर): शाम 5:39 बजे से 7:35 बजे तक (प्रदोष काल शाम 5:14 बजे से 7:50 बजे तक)।
दीपोत्सव 2026 के प्रमुख आकर्षण
- 30 लाख से अधिक दिए: सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख से ज्यादा दिए जलाकर नया रिकॉर्ड बनाया जा रहा है।
- भव्य महाआरती: सरयू तट पर 2,100 (या 2,151) बटुक और अर्चक एक साथ महाआरती करेंगे।
- ड्रोन शो: आसमान में 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा।
- राज्याभिषेक: रामकथा पार्क में उपराष्ट्रपति डॉ. सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक करेंगे।
- अतिथि और आयोजन: इस 10वें दीपोत्सव का शुभारंभ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन करेंगे। इसके अलावा विभिन्न देशों की टीमों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रामलीला का मंचन और 3D स्क्रीन पर रामायण के दृश्य दिखाए जा रहे हैं।
- श्री राम जन्मभूमि मंदिर: दिवाली की रात (8 नवंबर) को राम मंदिर में विशेष छप्पन भोग और अखंड रात्रि आरती का आयोजन होगा, तथा कनक भवन व हनुमानगढ़ी में रात 12 बजे तक विशेष दर्शन चलेंगे।




