धनतेरस के पावन अवसर पर शुक्रवार को रीवा जिले के बाजारों में जबरदस्त रौनक और धनवर्षा देखने को मिली। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारों का तांता लगा रहा। सराफा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा, बर्तन और सजावटी सामान की दुकानों पर देर रात तक ग्राहकों की भारी चहल-पहल बनी रही। त्योहारी सीजन में हुई इस बंपर खरीदारी से स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं। व्यापारी संघ के अध्यक्ष नरेश काली के अनुमान के मुताबिक, इस बार धनतेरस के दिन रीवा शहर में कुल लगभग 200 करोड़ रुपए का शानदार कारोबार हुआ है।
कीमतों में उछाल के बावजूद सराफा बाजार में दिखा भारी उत्साह
सोने और चांदी के दामों में भारी तेजी के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। लोगों ने पारंपरिक आभूषणों के साथ-साथ सोने-चांदी के सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और पूजन सामग्री की जमकर खरीदारी की। त्योहारी सीजन के दौरान 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1.46 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव करीब 2.26 लाख रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया। पिछले वर्ष की तुलना में सोने की कीमत में लगभग 19 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की वृद्धि होने के बावजूद सराफा बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे अकेले इस सेक्टर में 80 करोड़ रुपए का व्यापार दर्ज किया गया।
ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी स्कूटर की रही धूम
पारंपरिक वस्तुओं के साथ-साथ वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में भी जबरदस्त रौनक रही। ऑटोमोबाइल सेक्टर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की खूब बिक्री हुई। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक (ईवी) स्कूटरों की मांग में विशेष उछाल देखा गया, जहाँ कुछ चुनिंदा मॉडलों पर दो महीने तक की वेटिंग भी मिल रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों पर टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और स्मार्टफोंस की खरीदारी हुई, वहीं बर्तन बाजार में स्टील, पीतल, तांबे और चांदी के बर्तनों की खासी मांग रही। इसके अतिरिक्त कपड़ा, मिठाई, फर्नीचर और सजावटी सामान की दुकानों पर भी ग्राहकों का तांता लगा रहा। धनतेरस के दिन शहर के अलग-अलग व्यावसायिक सेक्टरों में अनुमानित कारोबार इस प्रकार रहा:
- सराफा बाजार: 70 करोड़ रुपए
- रियल एस्टेट: 60 करोड़ रुपए
- ऑटोमोबाइल: 35 करोड़ रुपए
- इलेक्ट्रॉनिक्स: 15 करोड़ रुपए
- बर्तन व अन्य गृह सामग्री: 15 से 20 करोड़ रुपए
- फर्नीचर: 10 से 15 करोड़ रुपए
- कपड़ा बाजार: 10 करोड़ रुपए
- सजावटी सामान: 2 करोड़ रुपए
भीड़ के कारण प्रभावित हुई यातायात व्यवस्था
बाजारों में उमड़ी भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात के विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रमुख मार्गों पर ऑटो और ई-रिक्शा के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी तथा चारपहिया वाहनों के लिए शिल्पी प्लाजा, साईं मंदिर, मानस भवन और स्वागत भवन के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद, ग्राहकों की अत्यधिक भीड़ के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था काफी प्रभावित हुई। लंबा जाम लगने से लोगों को कुछ देर के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा और कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए।




