मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने हाल ही में रीवा स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी’ का दौरा किया और इसकी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ-साथ आगामी विस्तार योजना की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मुकुंदपुर की यह सफारी देश और प्रदेश में अपनी एक विशेष पहचान बना चुकी है, जहाँ प्राकृतिक जंगलों के बीच वन्यजीवों को स्वतंत्र रूप से विचरण करते देखना पर्यटकों के लिए हमेशा से एक अद्भुत और मनमोहक अनुभव रहा है।
लगभग 119 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन जुड़ने से बढ़ेगा दायरा
वर्तमान में यह व्हाइट टाइगर सफारी लगभग 120 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। इस विस्तार योजना के तहत इसमें लगभग 119 हेक्टेयर का अतिरिक्त क्षेत्रफल और जोड़ा जाएगा, जिससे सफारी और चिड़ियाघर का कुल क्षेत्रफल बढ़कर करीब 250 हेक्टेयर हो जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने से पर्यटकों को घूमने के लिए और अधिक विस्तृत और रोमांचक क्षेत्र प्राप्त होगा।
विंध्य वन और साउथ अफ्रीकन सफारी की नई सौगात
नई विस्तार योजना के तहत पूरे क्षेत्र को विभिन्न आकर्षक हिस्सों में विभाजित किया गया है। इसके अंतर्गत 25 हेक्टेयर भूमि पर व्हाइट टाइगर सफारी और शेष भाग में आधुनिक चिड़ियाघर शामिल रहेगा। इसके साथ ही, 36 हेक्टेयर क्षेत्र में ‘विंध्य वन सफारी’ तथा 30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में ‘साउथ अफ्रीकन सफारी’ का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा बचे हुए क्षेत्रफल में जिराफ, जेब्रा और अन्य प्रमुख शाकाहारी वन्यजीवों को स्वतंत्र रूप से खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
पर्यटकों को मिलेगा नेशनल पार्क जैसा रोमांचक अनुभव
योजना के मुताबिक, जब पर्यटक सफारी वाहनों से गुजरेंगे तो उन्हें जिराफ, जेब्रा और अन्य वन्यजीवों को खुले में घूमते और सड़क पार करते देखने का रोमांचक अवसर मिलेगा। यह पूरा दृश्य पर्यटकों को किसी बड़े राष्ट्रीय उद्यान (नेशनल पार्क) जैसा जीवंत और भव्य अहसास कराएगा।
अधिकारियों को दिए गए बेहतर रखरखाव के निर्देश
दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ने बंगाल टाइगर, सफेद बाघ, लेपर्ड (तेंदुआ), बटरफ्लाई पार्क और रेप्टाइल हाउस जैसे विभिन्न बाड़ों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि इस योजना को जल्द से जल्द मंजूरी दिलाकर निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। इस अवसर पर डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा, सीसीएफ अनुराग कुमार, एसडीओ रामेश्वर टेकाम, एसडीओ दीपांकर, प्रदीप गौतम सुमन समेत कई रेंजर्स, पशु चिकित्सक और वन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।




