Apple Privacy Policy को लेकर Tim Cook का नेतृत्व फिर से चर्चा में है हाल ही में आई जानकारी के अनुसार एप्पल ने पिछले कुछ सालों में प्राइवेसी को काफी ज्यादा प्राथमिकता दी है लेकिन चीन जैसे बाजारों में नियमों के कारण कुछ समझौते भी किया हैं। जिससे इसका असर कंपनी के वैश्विक छवि और यूजर डाटा सुरक्षा पर भी देखा जा रहा है।

Apple Privacy Policy में कंपनी का प्रदर्शन और प्लानिंग
एप्पल कंपनी ने प्राइवेसी को अपना बिजनेस मॉडल का अहम हिस्सा बनाया है, कंपनी ने ऐप ट्रैकिंग ट्रांसपेरेंसी जैसे नए फीचर्स अपने डिवाइस में लॉन्च किए हैं जिससे use करने वाले लोगों को अपने डेटा पर ज्यादा से ज्यादा नियंत्रण मिला है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस प्लानिंग ने एप्पल को कॉम्पिटेटिव बाजार में अन्य ब्रांड से अलग पहचान दी है और प्रीमियम ब्रांड वैल्यू भी मजबूत की है। कंपनी के ऑफिशियल बयान में बार-बार प्राइवेसी को फंडामेंटल ह्यूमन राइट की तरह बताया गया है।
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Global Markets में समझौता बना बड़ा मुद्दा
Apple Privacy Policy को लेकर अभी हाल ही में एक विवाद भी सामने आया है जानकारी के अनुसार चीन में ए क्लाउड डाटा लोकल सर्विस पर स्टोर किया गया है, कुछ एप्स को स्थानीय नियम के तहत हटा भी दिया गया है रोज जैसे बाजारों में भी डाटा नियमों का पालन किया गया है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार या कम कंपनी के प्राइवेसी दागों के साथ विरोधाभास पैदा करता है इसे एप्पल की कांस्टीट्यूएंसी पर सवाल उठते हैं।
क्या है Experts की राय और ब्रोकरेज दृष्टिकोण
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि एप्पल की प्राइवेसी स्ट्रेटजी पूरी तरह से नैतिक नहीं है बल्कि बिजनेस संतुलन पर ही आधारित है। बाजार के लोगों के अनुसार एप्पल को चीन जैसे बड़े बाजार में बने रहने के लिए वहां के स्थानीय कानून माने पड़ते हैं, सप्लाई चैन और रेवेन्यू पर निर्भरता ही मजबूर करती है। कुछ जानकारी के अनुसार प्राइवेसी को एप्पल ने कॉम्पिटेटिव एडवांटेज के रूप में भी इस्तेमाल किया है जिससे लॉन्ग टर्म ब्रांड लॉयल्टी इसकी बढ़ी है।
निवेशकों और यूज़र्स पर क्या हुआ प्रभाव
Apple Privacy Policy का असर दो लेवल पर देखा जा रहा है। यूजर्स को डाटा कंट्रोल के बेहतर ऑप्शन मिले हैं दूसरा निवेशकों के लिए एप्पल की ब्रांड पोजीशन मजबूत हुई है। हालांकि ग्लोबल कंप्लायंस के कारण रेगुलेटरी रिस्क भी बना रहता है स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार एप्पल की स्थिर ग्रोथ लार्जली इसके इकोसिस्टम और ब्रांड के भरोसे पर ही निर्भर करती है।
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बाजार का आगे का आउटलुक
भविष्य में एप्पल को प्राइवेसी और रेगुलेटरी compliance के बीच संतुलन बनाना होगा। एस फर्स्ट है कि एप्पल प्राइवेसी पॉलिसी एक मजबूत मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्लानिंग है लेकिन ग्लोबल लेवल पर इसे लागू करना एप्पल के लिए चुनौती वाला होने वाला है।
