adobe ceo shantanu narayen : अमेरिका सॉफ्टवेयर कंपनी adobe सीईओ शांतनु नारायण ने लगभग 18 साल के लंबे कार्यकाल को करने के बाद अपना पद छोड़ने का फैसला लिया है। कंपनी की तरफ से दी जाने वाली जानकारी के अनुसार उनके स्थिति देने की खबर के बाद कंपनी में परिवर्तन देखने को मिल रहा है और यह आगे कई समय तक देखने को मिल सकता है। इस घोषणा के होने के बाद टेक्निकल सेक्टर में प्लानिंग को लेकर बदलाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर तुलनात्मक रणनीति पर चर्चाएं तेज होने लगी है जिसका असर निवेश करने वाले लोगों पर भी देखा जा सकता है।

Adobe CEO के नेतृत्व में हुआ है, कंपनी का बड़ा विस्तार
एडोब कंपनी के सीईओ शांतनु नारायण ने 2007 में कंपनी अपने हाथ में ली थी और पारंपरिक तरीके से सॉफ्टवेयर की बिक्री मॉडल से हटकर क्लाउड आधारित सब्सक्रिप्शन मॉडल को अपनाया था। इसी प्लानिंग के तहत कंपनी ने क्रिएटिव क्लाउड और डॉक्यूमेंट क्लाउड जैसे प्लेटफार्म को विश्व लेवल पर मजबूत किया है।
निवेश करने वाले लोगों के अनुसार यह बदलाव अडॉप्ट के बिजनेस मॉडल के लिए निर्णायक साबित हो सकता है पिछले डेढ़ सालों में कंपनी का वार्षिक राजस्व कई गुना तक बढ़ा और डिजिटल क्रिएटिव टूल्स के क्षेत्र में कंपनी ने मजबूत बाजार की एक हिस्सेदारी हासिल भी की।
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Adobe कंपनी के द्वारा क्या कहा गया?
कंपनी के ऑफिशियल बयान में बताया गया है कि शांतनु नारायण के नेतृत्व में कंपनी में कई प्रकार के परिवर्तन हुए जो कंपनी के लिए ग्रोथ का संकेत था। अब आगे भी शांतनु नारायण कंपनी से जुड़े रह सकते हैं और कंपनी की प्लानिंग में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।
शांतनु की सैलरी और नेटवर्थ पर चर्चा
एडोब कंपनी के सीईओ शांतनु नारायण दुनिया के सबसे अधिक सैलरी पाने वाले टेक्निकल एग्जीक्यूटिव है। पब्लिकली फाइनेंशियल रिपोर्ट की जानकारी के अनुसार हाल ही के कुछ सालों में उनका कुल वार्षिक पैकेज लगभग $50 मिलियन यानी लगभग भारतीय रुपए के 400 से 450 करोड रुपए के आसपास रहा है। इसमें उनकी बेसिक सैलरी, बोनस और स्टॉक आधारित सभी प्रकार के इंसेंटिव भी शामिल थे। फाइनेंशियल रिपोर्ट की जानकारी के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग 500 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है यानी भारतीय रुपए में 4000 करोड रुपए से भी ज्यादा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्लानिंग में बदलाव
टेक्निकल इंडस्ट्री में बढ़ती तेजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजाइन और कंटेंट टूल्स अडॉप्ट जैसी कंपनियों के सामने नई चुनौती लाकर खड़ी कर दी है निवेश करने वाले लोगों के अनुसार इसी बदलते टेक्निकल कारण के बीच उनके स्थिति को एक प्लानिंग के तहत देखा जा सकता है। हाल ही के सालों में adobe ने फायरफ्लाई जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल मार्केट में लॉन्च किए हैं ताकि कंपनी क्रिएटर सॉफ्टवेयर से मार्केट में अपनी प्रतिस्पर्धा की बढ़त को बनाए रखें।
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निवेशकों और टेक सेक्टर के लिए क्या है संकेत
शांतनु नारायण का पद से इस्तीफा देने की खबर आमतौर पर निवेश करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी संकेत बताई जा रही है। स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार ऐसे बदलाव से अक्सर कुछ समय के लिए बाजार में निवेश करने वाले लोगों का रिएक्शन देखने को मिलता है हालांकि लंबे समय तक इसका प्रभाव कंपनी की प्लानिंग और नए सीईओ के काम की दिशा पर निर्भर करता है।




