मऊगंज में अब चिल्लर न लेने पर होगा एक्शन: कलेक्टर का बैंक और व्यापारियों को अल्टीमेटम, दर्ज होगा केस

Action will now be taken in Mauganj for refusing to accept small-denomination coins.

मऊगंज। मध्य प्रदेश के नवनियुक्त मऊगंज जिले में 1 और 2 रुपये के सिक्कों के प्रचलन को लेकर लंबे समय से ग्राहकों, व्यापारियों और बैंकों के बीच चल रहा असमंजस अब खत्म होने वाला है. सिक्कों को स्वीकार न करने की बढ़ती शिकायतों पर मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है. उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि किसी भी व्यक्ति, दुकानदार या संस्था द्वारा वैध सिक्के लेने से इनकार किया गया, तो उनके खिलाफ सीधे कानूनी मामला (केस) दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

दरअसल, जिले में पान की गुमटियों और पानीपुरी के ठेलों से लेकर बड़े किराना स्टोर और छोटे-बड़े व्यापारियों द्वारा 1 और 2 रुपये के सिक्के न लेने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. आम ग्राहकों का आरोप है कि जब वे सामान खरीदते हैं तो दुकानदार उन्हें खुले पैसे के रूप में ये सिक्के थमा देते हैं, लेकिन जब ग्राहक वही सिक्के लेकर दोबारा सामान खरीदने जाता है, तो दुकानदार उन्हें वापस लेने से साफ मना कर देते हैं. इस वजह से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी तरफ, नाम न छापने की शर्त पर कई व्यापारियों का कहना है कि वे सिक्के लेने से मना नहीं करते, लेकिन समस्या यह है कि आगे कोई उनसे ये सिक्के स्वीकार नहीं करता. व्यापारियों ने बैंकों पर भी आरोप लगाया है कि कई बार बैंक शाखाओं में इन सिक्कों को जमा कराने में उन्हें खासी मशक्कत करनी पड़ती है और बैंक आनाकानी करते हैं.

कलेक्टर ने बैंकों को जारी किए कड़े निर्देश

इस गंभीर समस्या को देखते हुए कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले के अग्रणी बैंक (लीड बैंक) ‘यूनियन ऑफ इंडिया’ के माध्यम से मऊगंज की सभी बैंक शाखाओं को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों में पूरी तरह स्पष्ट किया गया है कि 1, 2, 5 और 10 रुपये के सभी सिक्के भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा वैध मुद्रा (Legal Tender) घोषित हैं, इसलिए इन्हें स्वीकार करना सभी सरकारी व निजी बैंक शाखाओं के लिए पूरी तरह अनिवार्य है.

प्रशासन ने बैंकों को यह भी हिदायत दी है कि वे ग्राहकों से बिना किसी सीमा (Limit) के सिक्के स्वीकार करें, अपने रोजाना के काउंटर भुगतान में सिक्कों का उपयोग बढ़ाएं और बाजारों तथा व्यापारियों की मांग के अनुसार उन्हें सिक्के उपलब्ध भी कराएं. इसके साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी बैंक शाखाओं को अपने परिसर में स्पष्ट रूप से “यहां सभी प्रकार के सिक्के स्वीकार किए जाते हैं” का सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं.

शिकायत मिलते ही होगी सीधी जेल

कलेक्टर संजय कुमार जैन ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय मुद्रा का अपमान या उसे स्वीकार करने से मना करना कानूनन अपराध है. यदि किसी भी बैंक, व्यापारी या आम व्यक्ति द्वारा वैध सिक्कों को लेने से इनकार करने की लिखित या मौखिक शिकायत मिलती है, तो भारतीय मुद्रा संबंधी कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर ने बताया कि हालांकि अभी तक प्रशासन को इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन अब यदि कोई भी मामला सामने आता है तो प्रशासन बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कदम उठाएगा.

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