जम्मू-कश्मीर। भारत के सुरक्षा बलों ने बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए जैश-ए-मोहम्मद के एक पाकिस्तानी आतंकी कमांडर को मुठभेड़ के दौरान ढ़ेर कर दिया था, तो वही अब उसका शव भी बरामद कर लिया है। सुरक्षा बलों ने उसका शव जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह स्थित सेओज धार इलाके से ढूढ़ निकाला है।
मौके से विदेशी राइफल बरामद
सुरक्षा बलों को मुठभेड़ स्थल से अमेरिकी निर्मित एम4 राइफल भी मिली है, ज्ञात हो कि एसओजी डोडा, राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) और सीआरपीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चला रखा था। सुरक्षाबलों ने बरामद शव और हथियार को कब्जे में लेकर नियमानुसार जांच कार्रवाई कर रही है।
आपरेशन अशदर में हुआ था ढेर
यासिर को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के अशदर गली इलाके में चलाए गए आपरेशन अशदर के दौरान मार गिराया गया था। अभियान में भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ शामिल थीं। आपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने एक एके राइफल और अन्य युद्ध संबंधी सामान भी बरामद किया था। सुरक्षा एजेंसियां अब आतंकी के स्थानीय संपर्कों और उसकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं। सुरक्षाबलों का कहना है कि क्षेत्र में खुफिया जानकारी के आधार पर निगरानी और संयुक्त अभियान लगातार जारी हैं। यासिर के मारे जाने को जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक अहम कार्रवाई माना जा रहा है।
कौन था पाकिस्तानी आतंकी कमांडर यासिर
पाकिस्तानी आतंकी कमांडर यासिर प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक खूंखार पाकिस्तानी नागरिक और कमांडर था, जिसे भारतीय सुरक्षाबलों ने सितंबर 2026 में मुठभेड़ में ढेर कर दिया।
मुठभेड़ और खात्मा
- यासिर को 5 सितंबर 2026 को मार गिराया गया।
- यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर के बड़गांव जिले के यूसमर्ग इलाके में हुई।
- यह कार्रवाई सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त ‘ऑपरेशन अशदर’ के दौरान की गई।
- सुरक्षाबलों ने उसके पास से एक AK-47 राइफल बरामद की।
बड़े आतंकी हमलों में संलिप्तता
- 4 मई 2024: पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले में वह शामिल था।
- 21 दिसंबर 2023: पुंछ के सुरनकोट (डेरा की गली) में सेना के वाहनों पर हुए घातक हमले का भी वह हिस्सा था, जिसमें चार जवान शहीद हुए थे।
पृष्ठभूमि
- यासिर मूल रूप से पाकिस्तान का नागरिक था।
- वह अबू तल्हा के नाम से भी कुख्यात था।
- वह पहले लश्कर के सुलेमान मूसा गुट से जुड़ा था, लेकिन बाद में अलग होकर स्वतंत्र रूप से सक्रिय हो गया था।




