दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान (Disha Saliyan) की मौत के मामले में एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। इसी कड़ी में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान (Satish Salian) मुंबई स्थित CBI कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने लगभग 4 घंटे से अधिक समय तक अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया।
यह घटनाक्रम दिशा सालियान केस (Disha Saliyan Case) को एक नए कानूनी मोड़ पर ले आया है, जहां जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े हर पहलू और साक्ष्य की नए सिरे से समीक्षा कर रही हैं।
दिशा सालियान केस की पृष्ठभूमि और बॉम्बे हाई कोर्ट का निर्देश
दिशा सालियान (Disha Saliyan) जून 2020 में मुंबई के मालाड इलाके स्थित एक आवासीय इमारत की 12वीं/14वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गई थीं, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उस समय मुंबई दिशा सालियान केस की शुरुआती जांच मालवणी पुलिस स्टेशन द्वारा की गई थी। पुलिस ने इसे एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के रूप में दर्ज किया और शुरुआती पूछताछ में इसे आत्महत्या माना था।

हालांकि, मृतका के पिता सतीश सालियान ने मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मालाड की घटना से लेकर CBI जांच तक का सफर
- 8-9 जून 2020: दिशा सालियान की मालाड में इमारत से गिरकर मृत्यु हुई।
- मुंबई पुलिस की जांच: मालवणी पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट दर्ज की और दुर्घटनाग्रस्त मौत माना।
- हाई कोर्ट में याचिका: पिता सतीश सालियान ने जांच पर सवाल उठाते हुए याचिका दायर की।
- सितंबर 2026 में हाई कोर्ट का फैसला: बॉम्बे हाई कोर्ट ने CBI को मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने और नए सिरे से विस्तृत जांच का आदेश दिया।
CBI के सामने पिता सतीश सालियान की पेशी और बयान
हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए CBI की टीम (डीएसपी पूरन कुमार की देखरेख में) ने जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान (Satish Salian) बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित CBI दफ्तर पहुंचे।
4 घंटे की पूछताछ में क्या-क्या दर्ज हुआ?
सतीश सालियान ने मीडिया और जांच एजेंसियों के सामने यह स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुए घटनाक्रम की पूरी सच्चाई बताई है। उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य उनके सामने आए थे, उन्हें शब्दशः अधिकारियों को सौंप दिया गया है। सतीश सालियान के अनुसार, सच्चाई को कभी हराया नहीं जा सकता और उन्हें भरोसा है कि जांच में न्याय जरूर मिलेगा।
वकील नीलेश ओझा के दावे और कानूनी पहलू
सतीश सालियान के साथ आए उनके अधिवक्ता नीलेश ओझा ने मीडिया को बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार दर्ज कराया गया यह बयान CBI की प्राथमिक जांच और FIR की आगे की कानूनी प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनेगा। उन्होंने दावा किया कि केस से जुड़े कुछ डिजिटल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जांच अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए गए हैं।
मुंबई पुलिस की ADR रिपोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट की टिप्पणियां
बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर कुछ सवाल उठाए थे। अदालत ने यह रेखांकित किया था कि केवल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) के तहत लंबी जांच जारी रखना पर्याप्त नहीं था, खासकर तब जब परिवार द्वारा गंभीर आशंकाएं जताई गई हों।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि:
- CBI एक वरिष्ठ अधिकारी की देखरेख में मामले की स्वतंत्र जांच करे।
- प्राथमिकी दर्ज कर सभी पक्षों के बयान रिकॉर्ड किए जाएं।
- निष्पक्ष साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई या चार्जशीट तय की जाए।
मामले से जुड़े राजनीतिक बयान और पक्ष
मुंबई दिशा सालियान केस लंबे समय से महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय रहा है। इस मामले में समय-समय पर विभिन्न नेताओं के नाम उछाले गए।
हालांकि, शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने पहले ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद और राजनीतिक साजिश करार दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। हाई कोर्ट ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जब तक ठोस सबूत न मिलें, तब तक किसी भी व्यक्ति पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
A: बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने दिशा सालियान केस में जांच शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने CBI के सामने उपस्थित होकर लगभग 4 घंटे तक अपना बयान दर्ज कराया है।
A: सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत से जुड़े सभी घटनाक्रमों और तथ्यों की जानकारी CBI अधिकारियों को दी। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि वे न्याय के लिए सच सामने लाना चाहते हैं।
A: दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में स्थित एक आवासीय इमारत की ऊंची मंजिल से गिरने के कारण हुई थी। मुंबई पुलिस ने शुरुआत में इसे दुर्घटना/आत्महत्या का मामला माना था।
A: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई पुलिस की पिछली ADR जांच को अपर्याप्त मानते हुए CBI को एफआईआर दर्ज करने और एक वरिष्ठ अधिकारी की निगरानी में मामले की नए सिरे से स्वतंत्र जांच करने का निर्देश दिया है।
CBI द्वारा सतीश सालियान का बयान दर्ज किए जाने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और साक्ष्यों का संकलन तीव्र गति से शुरू होने की उम्मीद है।




