चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति जिनपिंग का विशेष विमान दिल्ली के पालम एयरबेस पर लैंड हुआ, जहां भारतीय विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और राजनयिकों ने उनका औपचारिक स्वागत किया।
भारत इस वर्ष ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है और 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के ऐतिहासिक भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की यह भारत यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद वे भारतीय सरजमीं पर कदम रख रहे हैं।
शी जिनपिंग का दिल्ली दौरा: क्यों है यह ऐतिहासिक?

राष्ट्रपति शी जिनपिंग का यह दौरा केवल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और चीन के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से भी एक रणनीतिक मोड़ है।
- 7 साल बाद भारत यात्रा: इससे पहले चीनी राष्ट्रपति अक्टूबर 2019 में अनौपचारिक शिखर सम्मेलन के लिए तमिलनाडु के महाबलीपुरम आए थे। इसके बाद सीमा तनाव के कारण दोनों देशों के संबंधों में ठहराव आ गया था।
- बड़ा प्रतिनिधिमंडल: रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ लगभग 400 उच्चस्तरीय अधिकारियों और व्यापारिक दिग्गजों का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है।
- ग्लोबल साउथ की मजबूती: भारत की अध्यक्षता में हो रहा यह सम्मेलन वैश्विक आर्थिक स्थिरता और विकासशील देशों (Global South) की आवाज को बुलंद करने का माध्यम बन रहा है।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का मुख्य एजेंडा और थीम
भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” रखी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “Humanity First” (मानवता प्रथम) के दृष्टिकोण से प्रेरित यह सम्मेलन वैश्विक मुद्दों पर आम सहमति बनाने पर केंद्रित है।
| प्रमुख क्षेत्र | चर्चा के मुख्य बिंदु |
| आर्थिक सहभागिता | सीमा पार भुगतान, राष्ट्रीय मुद्राओं (Local Currencies) का उपयोग और व्यापार सरलीकरण। |
| तकनीकी नवाचार | डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सप्लाई चेन की मजबूती। |
| ग्लोबल गवर्नेंस | संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों (IMF/World Bank) में संरचनात्मक सुधार। |
| ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा | जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा परिवर्तन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बनाना। |
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता पर टिकी निगाहें
ब्रिक्स सम्मेलन के इतर (sidelines) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है।
किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
- वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति: दोनों नेता सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए अब तक हुई प्रगति की समीक्षा कर सकते हैं।
- व्यापारिक संतुलन: भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय व्यापार में जारी घाटे को कम करने और व्यापार बाधाओं को दूर करने पर बात होने की संभावना है।
- जन-से-जन का संपर्क: उड़ानों की बहाली, वीजा प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति बन सकती है।
ब्रिक्स 2026 में अन्य वैश्विक नेताओं की उपस्थिति
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स के विस्तारित सदस्य देशों के शीर्ष नेता भी शिरकत कर रहे हैं।
- रूस: राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- दक्षिण अफ्रीका: राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा
- ईरान: राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान
- इंडोनेशिया: राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो
- विशेष आमंत्रित: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित विभिन्न साझेदार देशों के प्रतिनिधि।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत क्यों आए हैं?
उत्तर: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए हैं। इस दौरान वे अन्य वैश्विक नेताओं के साथ बहुपक्षीय बैठकों और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे।
Q2. ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आयोजन कहाँ हो रहा है?
उत्तर: 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 भारत की राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित ‘भारत मंडपम’ परिसर में आयोजित किया जा रहा है। भारत वर्ष 2026 के लिए ब्रिक्स संगठन की अध्यक्षता कर रहा है।
Q3. 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की मुख्य थीम क्या है?
उत्तर: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 की आधिकारिक थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का निर्माण) है। यह थीम भारत के ‘मानवता प्रथम’ के दृष्टिकोण पर आधारित है।
Q4. क्या ब्रिक्स 2026 के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक होगी?
उत्तर: हां, सम्मेलन के इतर (sidelines) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक निर्धारित है। इसमें एलएसी (LAC) पर सीमा स्थिति, व्यापार और आर्थिक सहयोग को सामान्य बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
Q5. ब्रिक्स (BRICS) समूह में वर्तमान में कौन-कौन से देश शामिल हैं?
उत्तर: ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे। इसके विस्तार के बाद अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया भी इसके पूर्णकालिक सदस्य बन चुके हैं।
निष्कर्ष
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का नई दिल्ली आगमन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के सफल संचालन के साथ-साथ एशिया की दो सबसे बड़ी आर्थिक शक्तियों के बीच संबंधों को सुधारने का एक बड़ा अवसर है। 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन वैश्विक बहुपक्षवाद, आर्थिक स्थिरता और विकासशील देशों के हितों की रक्षा में एक मील का पत्थर साबित होगा। भारत की अध्यक्षता में यह सम्मेलन दुनिया को शांति और सतत विकास का एक सकारात्मक संदेश देने में सक्षम रहेगा।




