मध्यप्रदेश में रिश्वत लेते 3 डॉक्टर गिरफ्तार, स्वास्थ विभाग में हड़कम्प

बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तीन सरकारी डॉक्टरों को मरीजों को निजी लैब भेजने के बदले कमीशनखोरी (रिश्वत) लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। स्वास्थ विभाग में लोकायुक्त की इस कार्रवाई से हड़कम्प मच गया है। यह कार्रवाई सरकारी अस्पतालों में चल रहे कमीशनखोरी के खेल को उजागर करती है, जहाँ डॉक्टर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर निजी लैब से कमीशन मांगते हैं।

50 प्रतिशत मांग रहे थे कमीशन

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार, राजपुर स्थित सेवा पैथोलॉजी लैब के मैनेजर 27 वर्षीय अदनान अली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर मरीजों को उनकी लैब पर जांच के लिए भेजने के बदले कमीशन मांग रहे हैं। शिकायत में बताया गया कि पहले लैब की कमाई का 20 प्रतिशत हिस्सा लिया जाता था, लेकिन पिछले महीने से तीनों डॉक्टरों ने आपस में मिलीभगत कर कमीशन बढ़ाकर सीधे 50 प्रतिशत कर दिया था।

महिला डॉक्टर भी शामिल

शिकायत के मुताबिक, मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य ने 18 हजार रुपए, डॉ. दिव्या सांई ने 8 हजार रुपए और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा ने 21 हजार 800 रुपए की मांग की थी। मामले की शिकायत 4 मई को लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की गई। जांच और सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त ने कार्रवाई करने के लिए टीम बनाई और योजना के तहत कमीशन बाजी के इस खेल पर कार्रवाई किया है। लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान डॉ. अमित शाक्य को 8 हजार रुपए, डॉ. दिव्या सांई को 5 हजार रुपए और डॉ. मनोहर गोदारा को 12 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत जप्त किए है।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु

पकड़े गए डॉक्टर- पकड़े गए डॉक्टरों में डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या साईं और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा शामिल हैं।
रिश्वत की रकम- तीनों डॉक्टर मिलकर कुल ₹25,000 की रिश्वत (कमीशन) ले रहे थे।
मामला- डॉक्टर राजपुर के ही एक निजी पैथोलॉजी लैब संचालक (अदनान अली) से मरीजों को वहां भेजने के लिए 50 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहे थे।
शिकायत और ट्रैप- लैब मैनेजर की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने योजना बनाई और डॉक्टर अमित शाक्य से ₹8,000, डॉ. दिव्या साईं से ₹5,000 और डॉ. मनोहर गोदारा से ₹12,000 की रिश्वत लेते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
मामला दर्ज- आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

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