एमपी में क्यों गिर रही सबसे ज्यादा आकाशीय बिजली, शहडोल में 4 लोगो की मौत, छिदवाड़ा में 7 झुलसे

एमपी। मध्यप्रदेश में मौसम कहर बन रहा है। लगातार यहां आकाशीय बिजली गिरने की घटना सामने आ रहा है। हाल ही में आकाशीय बिजली की जद में आने से शहडोल जिले में 4 लोगो की मौत हो गई। तो छिदवाड़ा जिले में एक ही परिवार के 7 लोग आकाशीय बिजली से जल गए थे। जिसमें से लड़की की मौत हो गई।

क्यों गिर रही आकाशीय बिजली

मध्य प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने (तड़ित) की घटनाओं में वृद्धि का मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और भौगोलिक स्थिति है। वातावरण में नमी और अत्यधिक गर्मी के कारण विशाल क्युमलोनिम्बस (तूफानी) बादल बनते हैं, जिनमें विपरीत चार्ज (इलेक्ट्रिक करंट) टकराने से भयानक बिजली उत्पन्न होती है।

शहडोल में 4 लोगो की मौत

एमपी के शहडोल में खराब मौसम के बीच पिछले तीन दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी इंदरनिया यादव (70), पति स्वर्गीय भोला यादव, दोपहर मवेशी चराने बदरा जंगल गई थीं। वह जब घर नही लौटी तो परिजन उसकी तलाश किए और महिला का शव पाया गया है। इसी तरह ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बनासी गांव निवासी गोविंद सिंह (62), पिता बदन सिंह, शनिवार को मवेशी चराने जंगल गए थे। देर शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान मवेशी घर लौट आए, लेकिन गोविंद सिंह वापस नहीं आए। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो बनासी का पेड़ के नीचे शव मिला। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत आकाशीय बिजली गिरने से होना सामने आया है। इससे पहले जिले के ही जैतपुर और जयसिंहनगर थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से एक बुजुर्ग महिला और एक 11 वर्षीय बालिका की मौत हो चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

खेत पर काम कर रहे 7 लोग झुलसे

एमपी के ही छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा के जिलेहरी गांव में एक परिवार अपने खेत पर खेती के कार्य में लगा हुआ था। अचानक मौसम खराब हो गया और गरज-चमक के साथ उन पर आकाशीय बिजली गिर गई। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से परिवार के सात सदस्य बुरी तरह झुलस गए। सभी घायलों को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। इस घटना में गंभीर रूप से झुलस एक युवती की ईलाज के दौरान मौत हो गई।

आकाशीय बिजली गिरने के प्रमुख कारण

जलवायु परिवर्तन और गर्मी- पिछले कुछ वर्षों में बढ़े तापमान और प्रदूषण (एरोसोल के स्तर) के कारण हवा में नमी बढ़ गई है। यह अतिरिक्त गर्मी तूफानी बादलों को ऊर्जा देती है, जिससे बिजली कड़कने की घटनाएं 400 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।
भौगोलिक स्थिति (मध्य भारत)- मध्य प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। यहाँ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ओर से आने वाले मानसून और नमी वाले हवाओं का मिलन होता है, जो बड़े तूफानी बादलों के निर्माण के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करते हैं।
वनों की कटाई व शहरीकरण- पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और जंगलों के घटने से ज़मीन की सतह गर्म हो जाती है। ऊंचे पेड़ प्राकृतिक रूप से बिजली को ज़मीन में खींचने का काम करते हैं, जिनकी कमी के कारण बिजली सीधे खुले मैदानों या इंसानों पर गिरती है।

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