नईदिल्ली। शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के स्तीफा की मांग को लेकर सीजेपी के बैनर तले आंदोलन उग्र हो गया। आंदोलन कारी संसद भवन के करीब तक पहुच गए और संसद भवन में घुसने का प्रयास किए। इसके पूर्व संसद भवन के सुरक्षा कर्मियों ने गेट बंद कर दिया और संसद भवन की सुरक्षा बढ़ाई गई है। वही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई।
संसद भवन में पीएम समेत मौजूद सत्ता-विपक्ष
संसद भवन में संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया। जिसके चलते प्रधानमंत्री समेत सत्ता और विपक्ष के सांसद मौजूद रहे। जिसके चलते संसद भवन की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा कर्मी पूरी तरह से अलर्ट हो गए। वही संसद भवन में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। इससे पहले प्रदर्शनकारी राजीव चौक और मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन में घुसे थे। सुबह 10 बजे कई लोग बैरिकेडिंग तोड़कर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक भी पहुंचे थे।
अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के कहने पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल खत्म कर दी। दीपके ने यह उपवास तब शुरू किया था जब 18 जुलाई को वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था और वे सफदरगंज अस्पताल में भर्ती है। उनकी 21 दिन की भूख हड़ताल के कारण उन्हें चिकित्सा सहायता की ज़रूरत थी।
28 जून से वांगचूक ने शुरू किया था अनशन
दरअसल नीट पेपर लीक मामले में जबाब देही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के स्तीफे की मांग को लेकर सोनम वांगचूक ने 28 जून को जंतर-मंतर में अनशन शुरू किया था और उन्होने कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन किए थें। 9 जुलाई ने कोर्ट ने वागचूक के सेहत का ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। उनकी सेहत लगातार खराब होने के कारण प्रशासन ने उन्हे आंदोलन स्थल से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद अभिजीत दीपकें ने भूख हड़ताल शुरू कर दिया और सोमवार को आंदोलन कारी संसद की ओर कूच कर दिए।




