यूपी। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में स्थित नीम करौली बाबा के पैतृक घर और जन्मस्थली के मालिकाना हक को लेकर उनके परिवार और श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट के बीच विवाद गहरा गया है। सम्पत्ति की मालिकाना हक को लेकर दो पक्ष अपना-अपना दावा कर रहे है। इसी बीच खबर आ रही है कि डीएम संतोष कुमार शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। जो कि इस मामले की जांच और समाधान भी तलाशेगी। वास्तविक मालिक कौन है, इसकी आधिकारिक पुष्टि राजस्व अभिलेखों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
इन्होने किया है दावा
बाबा के छोटे पुत्र धर्म नारायण शर्मा की 6 बेटियों सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है. परिवार की ओर से मामले की जांच कराने और पैतृक संपत्ति से कथित दखल हटाने की मांग की गई है

बाबा की पोतिया और ट्रस्ट कर रहा दावा
पोतियों का दावा- बाबा के छोटे बेटे की 6 पोतियों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर इसे अपना पैतृक आवास बताया है और श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है।
ट्रस्ट का पक्ष- ट्रस्ट का दावा है कि संपत्ति कानूनी रूप से दान में दी गई है, जिसकी स्थापना 1996 में बाबा की पत्नी ने की थी।
यूपी में हुआ था बाबा नीम करौली का जन्म
बाबा नीम करौली का असली नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा है। उनका जन्म 1900 के आसपास यूपी के फिरोजाबाद में हुआ था। 1958 में बाबा ने घर छोड़ दिया। 1961 में नैनीताल के पास कैंची धाम आए। जो कि हनुमान जी और बाबा का प्रसिद्ध धाम बन गया है। 1963 में वृंदावन में उन्होंने देह त्याग दिया था। नीब करौली बाबा के दो पुत्र थे। बड़े पुत्र अनके सिंह शर्मा और छोटे पुत्र धर्म नारायण शर्मा थे।
नीम करोली बाबा की जन्मस्थली
अनके सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी हैं। धर्म नारायण शर्मा की 6 बेटियां हैं। इन बेटियों ने ही पैतृक मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। जिस पैतृक घर को लेकर विवाद है वो यूपी के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील में स्थित अकबरपुर गांव में मकान नंबर 154 है, जो प्रसिद्ध नीम करोली बाबा की जन्मस्थली है। इसी मकान में बाबा रहते थे। यहां 2 कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली बनी है। इसके अलावा, बाकी कमरों में पुजारी रहते हैं।




