उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो सकते हैं। दरअसल, आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस रास्ते में खड़े हनुमान जी का मंदिर भी आ रहा है। प्रशासन ने मंदिर का निर्माण तो हटा दिया, लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा अपने स्थान पर ही है।
पिछले 4 दिनों से प्रशासन ने प्रतिमा को हटाने के कई प्रयास किए, लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा को हिलाया नहीं जा सका। अब भक्त भी मांग कर रहे हैं कि प्रतिमा को यहां से न हटाया जाए। मंगलवार शाम मंदिर परिसर में महाआरती हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, अखाड़ा परिषद भी मंदिर के समर्थन में सामने आ सकता है।
प्रशासन द्वारा मंगलवार को एक बार फिर विशेषज्ञों से प्रतिमा की जांच कराई गई है। बताया जा रहा है कि 2 दिन में जांच के परिणाम सामने आ सकते हैं। इसके बाद ही प्रतिमा को लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिमा करीब 1,000 साल पुरानी
हालांकि, मान्यता है कि खड़े हनुमान जी की यह प्रतिमा करीब 1,000 साल पुरानी है और परमार काल के समय की है। ऐसे में प्रतिमा के सुरक्षित विस्थापन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि अगर खड़े हनुमान जी की प्रतिमा को विस्थापित किया जाता है तो इसकी दिशा दक्षिणमुखी से उत्तरमुखी हो जाएगी।
इसी बीच उज्जैन पुलिस प्रशासन मंगलवार को गाजे-बाजे के साथ हनुमान जी को मनाने के लिए पहुंचा। पुलिस और प्रशासन की यह तस्वीर भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
भक्तों ने कहा- प्रतिमा हटाने में जल्दबाजी न करें
सोमवार को बाबा महाकाल की राजसी सवारी के बाद मंगलवार को हनुमान जी की प्रतिमा हटाने की कार्रवाई किए जाने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि, इससे पहले ही भक्तों ने प्रशासन से अपील की कि प्रतिमा को हटाने में जल्दबाजी न की जाए और विशेषज्ञों से इसकी जांच कराई जाए।
मंदिर परिसर के आसपास पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें प्रतिमा की जांच कराने की मांग की गई है। मंगलवार शाम को मंदिर में महाआरती हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्रद्धालुओं का कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे हनुमान जी की प्रतिमा को यहां से हटने नहीं देंगे। उनका कहना है कि प्रतिमा प्राचीन है और इसे हटाने से पहले हर पहलू की जांच की जानी चाहिए।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के चलते उज्जैन में सड़कों के चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके लिए रास्ते में आने वाले कई मंदिर, मस्जिद, दुकानें और घरों को हटाया गया है।
इसी रास्ते में खड़े हनुमान जी का मंदिर भी आ रहा है। खड़े हनुमान जी की प्रतिमा के विस्थापन की तैयारी राजसी सवारी से पहले की जा रही थी। 30 अगस्त को पर्ववास के दौरान चक्काजाम की स्थिति बन गई थी। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई थी।
4 सितंबर को हुई कार्रवाई में मंदिर के शिखर और अन्य निर्माण को हटा दिया गया। इसके बाद प्रतिमा की गहराई की जांच की गई और काम रोक दिया गया।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल नगर निगम की टीम विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही प्रतिमा के संबंध में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रशासन के सामने अब सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा करने के साथ प्राचीन प्रतिमा की सुरक्षा भी एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा कि हनुमान जी की प्रतिमा को वहीं रखा जाएगा या सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने का फैसला लिया जाएगा।




