वूमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) को एक नई मैच विनर मिल गई है। गुजरात जायंट्स के खिलाफ संकट के समय 73 रनों की शानदार पारी खेलने वाली Gautami Naik आज चर्चा का केंद्र हैं। गरीबी और अभावों को मात देकर यहाँ तक पहुँची गौतमी, WPL में अर्धशतक जड़ने वाली पहली अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
संघर्षों की भट्टी में तपकर निकलीं गौतमी नायक
गौतमी नायक की यह सफलता रातों-रात नहीं मिली है। पुणे के पास एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली इस खिलाड़ी का बचपन काफी चुनौतियों भरा रहा। उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उनके पास क्रिकेट किट खरीदने के पैसे नहीं थे। उनके कोच अविनाश शिंदे बताते हैं कि गौतमी ने कई बार सिर्फ एक कप चाय पीकर पूरे दिन मैदान पर पसीना बहाया है।

तेज गेंदबाज से स्टार बल्लेबाज बनने का सफर
कद-काठी और फिटनेस को देखते हुए गौतमी ने शुरुआत एक तेज गेंदबाज के तौर पर की थी। हालांकि, एक तेज गेंदबाज के लिए जरूरी डाइट और चोटों के प्रबंधन का खर्च उठाना उनके परिवार के लिए असंभव था। ऐसे में उनके कोच ने एक रणनीतिक फैसला लिया और उनकी बल्लेबाजी पर काम करना शुरू किया। आज वह आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं, लेकिन गुजरात के खिलाफ उन्होंने अपनी तकनीक और धैर्य का अद्भुत परिचय दिया।
Gautami Naik: WPL 2026 की खोज और स्मृति मंधाना का साथ
WPL के इस सीजन में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली RCB ने अब तक कई मैच विनर दिए हैं। लेकिन गौतमी का उभार सबसे खास है। महाराष्ट्र प्रीमियर लीग (MPL) में मंधाना के साथ ओपनिंग करते हुए गौतमी ने अपनी हिटिंग पावर दिखाई थी। वडोदरा की मुश्किल पिच पर जब गेंद बल्ले पर रुक कर आ रही थी, तब कप्तान मंधाना ने ही गौतमी को क्रीज पर गाइड किया।
घरेलू क्रिकेट में लंबा इंतजार और अनुभव
गौतमी नायक की उम्र 27 साल है, जो दर्शाता है कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लंबा समय बिताया है। महाराष्ट्र की टीम में जगह न मिलने पर उन्होंने हार नहीं मानी और नागालैंड व बड़ौदा जैसी टीमों के लिए खेला। नागालैंड के लिए खेलते हुए उन्होंने शानदार औसत से रन बनाए, जिसके बाद उनकी प्रतिभा पर चयनकर्ताओं की नजर पड़ी। 2025 के सीनियर महिला टी20 ट्रॉफी में महाराष्ट्र की जीत में भी उनकी अहम भूमिका रही थी।
कोच और परिवार को समर्पित की सफलता
मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार लेते समय गौतमी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को अपने कोच अविनाश शिंदे और अपने परिवार को समर्पित किया। कोच शिंदे पिछले 12 सालों से गौतमी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गौतमी पहले नंबर 10 पर बल्लेबाजी करती थीं, लेकिन अपनी कड़ी मेहनत से उन्होंने खुद को टॉप ऑर्डर बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।

RCB के लिए भविष्य की उम्मीद
WPL नीलामी में RCB ने गौतमी को 10 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था। उस समय कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स के लिए यह एक अनजान नाम था, लेकिन अब गौतमी ने साबित कर दिया है कि उनमें बड़े मंच पर प्रदर्शन करने का माद्दा है। उनकी तकनीक और मैच की स्थिति को पढ़ने की क्षमता उन्हें आने वाले समय में भारतीय राष्ट्रीय टीम का भी दावेदार बना सकती है।
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