Rhea Chakraborty को राहत, court ने फ्रिज खाते अनफ्रीज करने का दिया आदेश

Rhea Chakraborty Relief: Court orders unfreezing of bank accounts

मुंबई में NDPS विशेष अदालत ने Rhea Chakraborty को बड़ी राहत देते हुए उनके और उनके परिवार के फ्रीज बैंक खातों को अनफ्रीज करने का आदेश दे दिया है। ये मामला सुशांत सिंह राजपूत केस से जुड़ा ड्रग्स जांच का ही हिस्सा था, जिस केस से रिया भी सक के आधार पर जुड़ी थी।

Rhea Chakraborty Relief: Court orders unfreezing of bank accounts

मामले में कोर्ट का फैसला क्या कहता है

एनडीपीएस अदालत ने अपने ऑर्डर पर कहा है की खातों को फ्रेश करने के दौरान जांच एजेंसी ने सभी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया है। आदेश में स्पष्ट बताया गया है कि बिना आवश्यक मंजूरी और ठोस आधार के इतने लंबे समय तक बैंक खातों को फ्रिज करना सही नहीं था या फैसला सीधे तौर पर रिया चक्रवर्ती को राहत के रूप में देखा जा रहा है।

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जांच एजेंसी की प्रक्रिया पर सवाल है

इस जांच के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने 2020 में ड्रग्स एंगल की जांच के दौरान बैंक के खातों को फ्रिज किया था। लेकिन कोर्ट में पाया गया की एजेंसी समय पर Competent Authority से मंजूरी नहीं ले पाई ऑफिशियल बयान में बताया गया की प्रक्रिया का पालन नहीं होने के कारण कार्रवाई की वैधता प्रभावित हो रही है।

Reason to Believe का है अभाव

कोर्ट नहीं अभी कहा कि किसी की संपत्ति को फ्रीज करने के लिए ठोस आधार पर सबूत होना भी जरूरी होता है सिर्फ संडे या प्रारंभिक जांच के आधार पर ही हम किसी की फाइनेंसियल संपत्ति को लंबे समय तक जपत करके नहीं रख सकते हैं। जानकारी के मुताबिक इसी आधार पर अदालत में फ्री खाते को खोलने का आदेश दिया है।

Rhea Chakraborty राहत का व्यापक असर

हालांकि यहां फैसला केवल फाइनेंशियल राहत तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें रिया चक्रवर्ती को राहत के रूप में यह आदेश देने का मतलब है की जांच एजेंसियों को भी सख्त कानूनी मानकों का पालन करना होता है। इसे कैसे की दिशा पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि पहले से ही इस मामले में कई आरोपों की जांच लंबे समय से चल रही है।

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मीडिया ट्रायल के साथ न्यायिक प्रक्रिया

इस केस में शुरुआत में ही व्यापक मीडिया कवरेज चल रही थी हालांकि अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट बताया है कि फैसला केवल कानूनी प्रक्रिया और सबूत के आधार पर ही लिया जाएगा। सोशल मीडिया की जानकारी के अनुसार इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की जीत के रूप में भी हम देख सकते हैं हालांकि कई पहलू पर अभी भी जांच होना बाकी है।

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