malaria treatment : वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक अहम कदम उठाते हुए वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन में नवजात और छोटे शिशुओं के लिए पहली मलेरिया ट्रीटमेंट को मजबूरी दे दी है। यह दावा खास तौर पर उन बच्चों के लिए ही बनाई गई है जिनका वजन 2 से 5 किलो के बीच होता है जिससे अब सुरक्षित और सटीक इलाज संभव हो सकेगा।

शिशुओं के लिए खासतौर पर तैयार की गई ये दवा
WHO द्वारा स्वीकृत खास तौर पर बच्चों के लिए बनाई गई दवा का नाम Artemether‑Lumefantrine (Coartem Baby) है। ऐसा पहली बार हुआ है जब मलेरिया के इलाज के लिए नवजात शिशुओं के शरीर और जरूरत को ध्यान में रखकर कोई दवा बनाई गई है। पहले छोटे बच्चों को बड़े बच्चों की दावों को कम मात्रा में देकर ही इलाज किया जाता था जिससे सही खुराक तय करना बहुत चुनौती का होता था।
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बच्चों के इलाज में पहले क्या थीं चुनौतियां
अब तक बच्चों के लिए कोई भी मानक मलेरिया ट्रीटमेंट उपलब्ध नहीं थे डॉक्टर को अनुमान के आधार पर ही बच्चों को दवा देनी पड़ती थी जिसे ओवरडोज या कम असर का खतरा बना ही रहता था। इस नई दवा के आ जाने से इलाज ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो पाएगा जिससे बच्चों में होने वाले रिस्क कम होंगे।
वर्ल्ड लेबल पर क्यों अहम है यह फैसला
दुनिया भर में हर साल लाखों बच्चे मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में जन्म लेते हैं खास तौर पर अफ्रीका में इसका असर ज्यादा देखा जाता है। World Health organisation के अनुसार मलेरिया से होने वाली म्यूट में बड़ी संख्या 5 साल से कम उम्र के बच्चों में देखी जाती है ऐसे में इस नई Malaria के इलाज से सीधे तौर पर बच्चों को सुरक्षा मिल पाएगी।
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WHO Prequalification का क्या मतलब होता है?
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की मंजूरी का अर्थ है कि यह दावा गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा और प्रभावशीलता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूर्ण रूप से खरीद उतरती है। अब इस दवा को विभिन्न देशों की सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं बड़े लेवल पर खरीद और वितरित कर पाएगी जिससे जरूरतमंद लोगों को यह दवा साड़ी से मिलेगी। शिशुओं के लिए पहली बार स्वीकृत यह Malaria Treatment विश्व स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होने वालीहै।
